Ranchi News : शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के तहत गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने की दिशा में रांची जिला प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर जिले के मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रारंभिक कक्षा (नर्सरी/एलकेजी) में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
इस प्रक्रिया के तहत 21 मई 2025 को जिले के समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन लॉटरी आयोजित की गई। इस लॉटरी की निगरानी अनुमंडल पदाधिकारी उत्कर्ष कुमार ने की।
जिले के कुल 120 निजी स्कूलों में 1217 आरक्षित सीटें उपलब्ध थीं। इन सीटों के लिए 1057 वैध ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए। लॉटरी प्रक्रिया के अंतर्गत कुल 672 छात्रों का चयन 92 विद्यालयों के लिए किया गया। चयनित छात्रों की सूची संबंधित विद्यालयों के लॉगिन पोर्टल पर भेज दी गई है, ताकि वे नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर सकें। नामांकन की समय-सीमा अगले 10 दिनों में पूरी करनी होगी।
इस प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न किया गया, जिसमें अभिभावकों, विद्यालय प्रतिनिधियों और मीडिया की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज और जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी राजीव कुमार भी मौजूद रहे।
उपायुक्त श्री भजन्त्री ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य शिक्षा के अधिकार को वास्तविकता में बदलना है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को भी समाज की मुख्यधारा में लाया जा सके। उन्होंने सभी चयनित अभिभावकों से अपील की है कि वे समय रहते विद्यालय में जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ नामांकन प्रक्रिया पूर्ण करें।
यह प्रक्रिया रांची जिले के लिए एक सकारात्मक पहल है जो न केवल शिक्षा में समानता को बढ़ावा देती है, बल्कि बच्चों के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक मजबूत आधार भी तैयार करती है।



