रांची। झारखंड की राजधानी रांची केे अहिर टोली स्थित पुलिस एसोसिएशन जाे वर्तमान में झारखंड पुलिस एसोसिएशन के नाम से जाना-पहचाना जाता है, में पहली बार किसी आदिवासी चेहरे ने अपनी दमदार उपस्थिति जताते हुए अध्यक्ष के पद को सुशोभित किया है। ब्रिटिश काल से लेकर अब तक केंद्र व विभिन्न राज्यों में स्थित पुलिस एसोसिएशन के इस पद पर जीत हासिल करने वाले वह देश के एकलौते आदिवासी अधिकारी हैं। ऐसा कर उन्होंने इतिहास रच दिया है। महज 32 वर्ष की उम्र में उन्हाेंने यह सफलता अपने नाम किया है। इनका नाम राहुल कुमार मुर्मू है और इन्होंने केआईआईटी भुवनेेेश्वर ओड़िशा सेे बीटेेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की हैै और 6 अगस्त 2018 से झारखंड पुलिस सेवा में हैं। बोकाराे जिला में सब-इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थापित हाेते हुए उन्होंने राजधानी स्थित झारखंड पुलिस एसोसिएशन का चुनाव लड़ा और अपने विराेधियाें को पछाड़ते हुए अपनी जीत सुनिश्चित की। बेहद सौम्य, सरल और मृदुभाषी श्री मुर्मू की लोकप्रियता का अनुमान इस बात से ही लगाया जा सकता है कि उनकी जीत के लिए एसोसिएशन केे सभी वर्ग केे मतदाताओं नेे जातिगत, भाषा एवं अन्य भिन्नता को दरकिनार कर इनके पक्ष में प्रचंड बहुमत दिया और इन्हें विजयी बनाया। पाकुड़ जिले के महेेेशपुर प्रखंड के राेलाग्राम निवासी श्री मुर्मू काफी दूरदर्शी हैं और एसोसिएशन को आगे ले जाने को लेकर काफी उत्साहित भी हैं।
सवाल-एसोसिएशन से आप पहले से ही जुड़े हैं, अध्यक्ष बनने के बाद आपके समक्ष चुनाैतियां क्या है?
जवाब-एसोसिएशन परिवार को संगठित और मजबूत करना मेरी पहली प्राथमिकता है। यह परिवार जितना बड़ा है, उतनी ही चुनौतियां हैं, उतनी ही बड़ी जिम्मेवारी है, जिसका निर्वहन मैं सूझ-बूझ और सबके परामर्श से करने का प्रयास करूंगा।
सवाल-क्या लगता है पुलिस कर्मियों की सबसे बड़ी परेशानी क्या है?
जवाब-देखिए, आधारभूत सुविधा और संसाधन की कमी सबसे बड़ी परेशानी है। इसे दूर करने का प्रयास किया जायेगा। पूर्व में नियमित पदोेन्नत्ति नहीं होती थी किंतु वर्तमान डीजीपी महोदय इसे लेकर काफी गंभीर हैं और नियमित पदोेन्नत्ति हो रही है। स्थानांतरण एक सोचनीय मामला है। कई पुलिसकर्मी अपना स्थानांतरण कई कारणों से करवाना चाहते हैं, जाे समय पर नहीं हो पाता। कई कर्मी नक्सल प्रभावित क्षेत्र एवं दुर्गम स्थानों पर भी अपनी सेवा वर्षों से दे रहे हैं। उन्हें वह सम्मान नहीं मिल पाता। एसोसिएशन इन सब मामलों पर मंथन करेगी और उन्हें सुलझाने का भरसक प्रयास करेगी।
सवाल-राज्यभर के थाना प्रभारियों पर अक्सर यह आरोप लगता रहा है कि वह आमलाेगाें को परेशान करते हैं और खासलोगों पर मेहरबान रहते हैं। आमलोगों से जुड़ी फाईल थाने में धूल फांकती रहती है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में भी इन थानेदारों का बड़ा हाथ होता है। क्या कहेंगे?
जवाब-जी हां, ऐसी शिकायतें सुनने को तो मिलती है लेकिन सभी थाना प्रभारी ऐसे नहीं हैं। एसोसिएशन के माध्यम से हम सभी थाना प्रभारियों संग बैठक करेंगे और उन्हें आमलोगों संग दोस्ताना व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। एक थाना प्रभारी में संवेदना, सेवा और लोक कल्याणकारी भाव निहित होने चाहिए। इनसे ही लोगों को पुलिस पर विश्वास होगा और वे लाॅ एंड ऑर्डर मेंटेन करने में प्रशासन को सहयाेग करेंगे।
सवाल-राज्य के किसी भी जिले के शांति समिति में वही पुराने लाेग हैं जो अपनी युवावस्था पार कर चुके हैं जबकि वर्तमान समय युवाओंं का है। कोई भी उपद्रव होता है या करवाया जाता है तो उसमें युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। फिर इन शांति समिति में युवाओं की अनदेखी क्याें की जा रही है? इसके लिए आप क्या करेंगे?
जवाब-आपने यह सवाल कर प्रशासन काे सही मार्ग दिखाने का कार्य किया है। इसके लिए मैं आपकाे धन्यवाद देता हूं। एसोसिएशन इस बाबत राज्य के डीजीपी समेत जिला प्रशासन को अवगत करायेगा और हमारी कोशिश होगी कि प्रत्येक शांति समिति में युवाओं को बड़ी संख्या में सम्मिलित किया जाए ताकि राज्य का प्रत्येक क्षेत्र शांति, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित रह सके।
सवाल-पुलिसकर्मियों के मनोरंजन के लिए आपका क्या प्रयास होगा क्योंकि अपने कार्य बोझ, परिवार से दूरी, समय पर अवकाश नहीं मिलने एवं अन्य कारणों से वे तनाव में रहते हैं और उसका असर आम लोगों संग उनके व्यवहार में दिखता है?
जवाब-जी आपने सही कहा लेकिन आपको बताना चाहूंगा पुलिसकर्मियों का जीवन आमलोगों के जीवन जैसा नहीं होता। वर्दी पहनते ही हमारा जीवन आमलोगों के जीवन से अलग हो जाता है। इसके लिए मैंने मानसिक स्वास्थ्य की बात की है। उनके मनोरंजन के लिए ही क्लब गठित किए गए हैं। प्रति दो या तीन माह पर संगठित मनाेरंजन की दिशा में पहल किया जायेगा। एसोसिएशन का प्रत्येक सदस्य मेेरे परिवार का हिस्सा है, उनके प्रत्येक दुख में मैं उनके साथ खड़ा हूं। एसोसिएशन की कार्यप्रणाली से शीघ्र ही एसोसिएशन परिवार लाभान्वित होगा।



