रांची: झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में हुई 12 वर्षीय मासूम बच्ची की नृशंस हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान (Suo Motu) लिया है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में इस जनहित याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई, जिसमें राज्य सरकार ने जांच से जुड़े कई अहम दस्तावेज और सबूत पेश किए।

अदालत के सामने पेश हुए पुख्ता सबूत

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को एक सीलबंद लिफाफा सौंपा गया। इस लिफाफे में फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की विस्तृत जांच रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों का विवरण था। इसके अलावा, मृत बच्ची की मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट (Inquest Report) और कपड़ों की फोरेंसिक जांच के नतीजे भी अदालत के समक्ष रखे गए। न्यायमूर्ति ने इन दस्तावेजों का गहन अध्ययन किया और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अगली सुनवाई की तिथि 11 मई निर्धारित की है।

क्या है पूरा मामला?

यह हृदयविदारक घटना हजारीबाग के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र की है। 12 साल की एक बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद पूरे इलाके में भारी जनाक्रोश फैल गया था। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से त्वरित कार्रवाई और दोषियों को फांसी देने की मांग की थी। मामले की गूँज जब हाईकोर्ट तक पहुँची, तो अदालत ने इसे जनहित याचिका में तब्दील कर खुद मॉनिटरिंग शुरू कर दी।

अपनों पर ही लगा हत्या का दाग

विष्णुगढ़ थाना में दर्ज कांड संख्या 42/2026 के तहत पुलिस ने अब तक की जांच में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सबसे दुखद पहलू यह है कि पुलिस ने इस मामले में मृत बच्ची की अपनी माँ, रेशमी देवी को गिरफ्तार किया है। उनके साथ भीम राम और एक अन्य व्यक्ति सहित कुल तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस जघन्य हत्याकांड के पीछे की असली वजह क्या थी और क्या इसमें कोई अन्य रसूखदार व्यक्ति भी शामिल है।

11 मई को टिकेंगी सबकी नजरें

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 11 मई को होने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकता है कि FSL रिपोर्ट में बच्ची के साथ किसी भी प्रकार की दरिंदगी या साजिश के क्या संकेत मिले हैं। राजधानी से लेकर हजारीबाग तक, हर कोई अब अदालत के अगले कदम और मासूम को न्याय मिलने का इंतजार कर रहा है।

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