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Ranchi News : झारखंड के बोकारो जिले में स्थित तेतुलिया मौजा की 100 एकड़ से अधिक वन भूमि की अवैध खरीद-बिक्री मामले में मुख्य आरोपित राजवीर कंस्ट्रक्शन के मालिक पुनीत अग्रवाल की जमानत याचिका पर अब 26 जुलाई को सुनवाई होगी। आज कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन CID की ओर से केस डायरी पेश नहीं की जा सकी। इसके चलते अदालत ने सुनवाई को टाल दिया।
यही स्थिति मामले के दो अन्य आरोपितों वीर अग्रवाल और विमल अग्रवाल की अग्रिम जमानत याचिका को लेकर भी बनी रही। इन दोनों की याचिका पर भी अब 26 जुलाई, शनिवार को सुनवाई होगी। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि जब तक केस डायरी प्रस्तुत नहीं की जाती, तब तक मामले की वस्तुस्थिति पर विचार नहीं किया जा सकता।
गौरतलब है कि पुनीत अग्रवाल को सीआईडी ने सोमवार को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि पुनीत और अन्य आरोपितों ने राजवीर कंस्ट्रक्शन कंपनी के माध्यम से उमायुष कंपनी को वन भूमि के एवज में 3.40 करोड़ रुपये का भुगतान कराया था। यह पूरा सौदा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किया गया था।
बताया जा रहा है कि जिस जमीन की अवैध तरीके से खरीद-बिक्री हुई, वह जमीन बोकारो स्टील प्लांट (BSP) द्वारा वन विभाग को लौटाई गई थी और यह वन भूमि के रूप में दर्ज थी। लेकिन आरोपितों ने भू-माफियाओं, अंचल कार्यालय के कर्मियों और बोकारो स्टील प्लांट के अधिकारियों की मिलीभगत से इस जमीन को निजी स्वामित्व में दिखा दिया और उसे बेच दिया।
इस मामले की एफआईआर (कांड संख्या 32/2024) बोकारो सेक्टर-12 थाना में दर्ज की गई थी, जिसे बाद में CID ने टेकओवर कर लिया। साथ ही, प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले की मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच कर रहा है।
अब सभी की निगाहें 26 जुलाई की सुनवाई पर टिकी हैं, जब अदालत आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर निर्णय ले सकती है, बशर्ते इस बार जांच एजेंसी केस डायरी कोर्ट में प्रस्तुत कर दे।
