Jharkhand News: झारखंड के कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज के कारण 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान डोमचांच के बेहराडीह गांव निवासी छोटेलाल मेहता के रूप में हुई है।

घटना रविवार रात की है। बताया जा रहा है कि छोटेलाल मेहता रात करीब 8 बजे डोमचांच बाजार से अपने गांव लौट रहे थे, तभी रास्ते में उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में उन्हें हल्की चोटें आई थीं। घर पहुंचने पर परिजनों ने उन्हें प्राथमिक इलाज और दवा लेने की सलाह दी। इसके बाद छोटेलाल अपने बेटे और भतीजे के साथ डोमचांच के ढाब रोड स्थित महावीर पिंडा के पास एक अवैध रूप से संचालित क्लीनिक पहुंचे।

यह क्लीनिक ओम होमियो हॉल नाम से वर्षों से संचालित हो रहा था और वहां एक झोलाछाप चिकित्सक डी. प्रसाद मरीजों का इलाज करता था। बिना किसी रजिस्ट्रेशन और मेडिकल योग्यता के यह डॉक्टर खुलेआम क्लीनिक चला रहा था। छोटेलाल के इलाज के दौरान उक्त चिकित्सक ने उन्हें लगातार चार इंजेक्शन दे दिए, जिसके तुरंत बाद छोटेलाल की मौके पर ही मौत हो गई।

परिजनों के अनुसार, इंजेक्शन देने के तुरंत बाद ही छोटेलाल की तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही क्षणों में उनकी मृत्यु हो गई। घटना से घबराकर झोलाछाप डॉक्टर मौके से फरार हो गया। बाद में छोटेलाल का शव उनके बेटे और भतीजे द्वारा घर लाया गया।

घटना की सूचना मिलते ही डोमचांच थाना की पुलिस सोमवार सुबह मौके पर पहुंची और आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया। क्लीनिक को भी सील कर दिया गया है।

सीएचसी प्रभारी डॉ. आर. पी. शर्मा ने पुष्टि की कि आरोपी चिकित्सक के पास स्वास्थ्य विभाग से किसी प्रकार का वैध रजिस्ट्रेशन नहीं है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सिविल सर्जन से बातचीत कर उचित कार्रवाई की जाएगी। सवाल यह उठता है कि ऐसे भीड़भाड़ वाले इलाके में झोलाछाप डॉक्टर वर्षों से किसकी अनुमति से अवैध क्लीनिक चला रहा था और प्रशासन की नजर इससे अब तक कैसे चूकी?

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