Ranchi : झारखंड के अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने फर्जी ट्रेडिंग ऐप ‘कैंटिलॉन’ के माध्यम से 44 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान यशवर्धन कुमार के रूप में हुई है। उसे देवघर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी बिहार के गया जिले का रहने वाला है।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से एक मोबाइल, दो सिम कार्ड, ठगी से संबंधित व्हाट्सएप चैट और बैंक खाता विवरणी बरामद की गई। साइबर क्राइम पुलिस उपाधीक्षक (DSP) नेहा बाला ने बताया कि मामला 13 अगस्त को IT एक्ट के अंतर्गत दर्ज किया गया था। पीड़ित ने शिकायत में बताया था कि उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी ट्रेडिंग ऐप ‘कैंटिलॉन’ में निवेश के लिए बहलाया गया।
इस ऐप में नकली मुनाफा दिखाकर निवेशकों को भ्रमित किया गया। कुल 44 लाख रुपये अलग-अलग व्यक्तियों के नाम से खोले गए बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। मामले की जांच के दौरान अनुसंधानकर्ताओं ने आरोपी की संलिप्तता के बिंदुओं की पुष्टि की और उसे देवघर से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी के बैंक ऑफ बड़ौदा खाता संख्या 26450200001669 के माध्यम से 46 शिकायतें विभिन्न राज्यों से मिलीं। इनमें तेलंगाना में चार, उत्तराखंड एक, झारखंड एक, छत्तीसगढ़ दो, पश्चिम बंगाल एक, तमिलनाडु चार, राजस्थान एक, मध्य प्रदेश एक, महाराष्ट्र चार, कर्नाटक आठ, केरल एक, हिमाचल प्रदेश एक, गुजरात छह, दिल्ली दो, बिहार दो, आंध्र प्रदेश दो और उत्तर प्रदेश पांच मामले शामिल हैं।
DSP ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संदिग्धों की पहचान तथा ऐप के पीछे के नेटवर्क का पता लगाने के लिए अनुसंधान जारी है। साइबर क्राइम पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी निवेश या ट्रेडिंग ऐप में निवेश करने से पहले उसके वैधता और प्रमाणिकता की जांच अवश्य करें।



