India News: भारत की सड़कों पर गलत दिशा में वाहन चलाना यानी ‘रॉन्ग साइड ड्राइविंग’ अब केवल एक ट्रैफिक उल्लंघन नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध बनता जा रहा है। सड़क परिवहन मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, देश में हर साल 70 हजार से ज्यादा चालान सिर्फ इसी लापरवाही के लिए काटे जाते हैं। दिल्ली, मुंबई और गुरुग्राम जैसे शहरों में यह स्थिति और भी भयावह है, जहां यह आंकड़ा लाखों में है।

जुर्माना ही नहीं, जेल की भी तैयारी

साल 2025-26 से भारत के कई महानगरों में रॉन्ग साइड ड्राइविंग को आपराधिक श्रेणी में डालते हुए एफआईआर (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वर्तमान में इस गलती पर 5,000 से 5,500 रुपये तक का जुर्माना वसूला जा रहा है। इतना ही नहीं, दोषी पाए जाने पर 6 महीने तक की जेल और वाहन जब्ती का भी कड़ा प्रावधान लागू किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि हादसों को रोकने के लिए अब सख्ती ही एकमात्र विकल्प है।

दुनिया का सबसे महंगा चालान: 90 लाख रुपये!

सड़क नियमों की बात करें तो स्विट्जरलैंड ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। यहां ओवरस्पीडिंग के एक मामले में करीब 90 लाख रुपये (90,000 स्विस फ्रैंक) का जुर्माना लगाया गया। स्विट्जरलैंड में ‘डे फाइन सिस्टम’ काम करता है, जहां जुर्माना उल्लंघन करने वाले व्यक्ति की सलाना कमाई के आधार पर तय होता है। इसका उद्देश्य यह है कि सजा का असर अमीर और गरीब, दोनों पर बराबर हो। इसके विपरीत, स्वीडन दुनिया का सबसे सुरक्षित देश है, जहां प्रति लाख आबादी पर सड़क हादसों में सिर्फ दो मौतें होती हैं।

वैश्विक स्तर पर असुरक्षित ड्राइविंग का गढ़

रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका को दुनिया का सबसे असुरक्षित ड्राइविंग वाला देश माना गया है, जहां शराब पीकर गाड़ी चलाना हादसों की 58 फीसदी वजह है। वहीं, एशियाई देशों में थाईलैंड और इंडोनेशिया में बुनियादी ढांचे की कमी और गलत लेन में वाहन चलाने के कारण मृत्यु दर काफी ऊंची है। यूरोप में बेल्जियम और फ्रांस जैसे देशों में भी सख्ती बढ़ी है, जहां अकेले बेल्जियम में साल भर में 92 लाख से ज्यादा ट्रैफिक उल्लंघन दर्ज किए गए।

भारत में बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रशासन अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रहा है। याद रखें, सड़क पर आपका एक गलत मोड़ न केवल आपकी जेब खाली कर सकता है, बल्कि आपकी और दूसरों की जान भी जोखिम में डाल सकता है।

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