अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
Bihar News: मोतिहारी जिले के प्रसिद्ध रंगकर्मी और साहित्यकार प्रसाद रत्नेश्वर को उनकी बहुचर्चित नाट्य कृति ‘निलही कोठी’ के लिए वर्ष 2025 का पं. राजकुमार शुक्ल शिखर सम्मान प्रदान किया जाएगा। यह राष्ट्रीय सम्मान उन्हें 23 अगस्त को पटना के विद्यापति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में दिया जाएगा। यह अवसर चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार पं. राजकुमार शुक्ल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित होगा।
‘निलही कोठी’ नाटक में चंपारण के ऐतिहासिक नील आंदोलन, अंग्रेज नीलवरों द्वारा किसानों के शोषण, महात्मा गांधी के आगमन और चंपारण सत्याग्रह के घटनाक्रम को बेहद प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है। बिदेसिया लोकनाट्य शैली में लिखे गए इस नाटक का कई बार राष्ट्रीय स्तर पर मंचन हो चुका है और इसे देश-विदेश में सराहना मिली है।
इस नाट्य कृति में न केवल ऐतिहासिक घटनाओं का जीवंत चित्रण है, बल्कि आज के सामाजिक और राजनीतिक संदर्भों को भी रेखांकित किया गया है। रत्नेश्वर के लेखन में लोकभाषा और संस्कृति की झलक के साथ-साथ गहरी संवेदनशीलता दिखाई देती है।
सम्मान समारोह का आयोजन पं. राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान द्वारा किया जा रहा है। संस्थान के केंद्रीय अध्यक्ष राजेश भट्ट ने स्वयं प्रसाद रत्नेश्वर से मुलाकात कर उन्हें समारोह में आमंत्रित किया। कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय और राज्य मंत्रियों सहित देशभर के साहित्यकार, रंगकर्मी और गणमान्य लोग शामिल होंगे।
यह सम्मान न केवल प्रसाद रत्नेश्वर की साहित्यिक उपलब्धियों की स्वीकृति है, बल्कि चंपारण के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का भी सम्मान है।

