Ranchi News : झारखंड राज्य सरकार द्वारा संचालित राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर एक अहम कार्यशाला-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नामकुम स्थित आईपीएच भवन में आयोजित हुआ, जिसमें राज्य के विभिन्न बोर्ड, निगम और विश्वविद्यालयों के नोडल पदाधिकारियों ने भाग लिया।

इस कार्यशाला का उद्देश्य योजना से जुड़ने की प्रक्रिया, ऑनलाइन पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेजों को लेकर विस्तार से जानकारी देना था। कार्यशाला को संबोधित करते हुए झारखंड राज्य आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक अबु इमरान ने स्पष्ट किया कि यह योजना पूरी तरह से ऑनलाइन आधारित है और इसमें किसी प्रकार की ऑफलाइन प्रक्रिया की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पारदर्शी और तकनीक-आधारित पहल है, जिसका लाभ राज्य के हजारों कर्मचारी उठा सकेंगे।

योजना से जुड़ने की प्रक्रिया हुई स्पष्ट

झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के वरिष्ठ परामर्शी और डाटा एनालिस्ट अंशु कुमार ने बीमा योजना की तकनीकी और व्यावहारिक प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बोर्ड, निगम और विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्षों को योजना में शामिल होने के लिए सहमति पत्र जमा करना होगा। साथ ही, संबंधित कर्मियों का डाटाबेस भी एक विहित प्रपत्र में देना अनिवार्य होगा।

उन्होंने बताया कि संस्थानों को अपने वास्तविक कर्मियों की संख्या के अनुसार एकमुश्त राशि झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी (JSAS) को प्रदान करनी होगी। इसके बाद संस्थान के लिए पोर्टल सक्रिय हो जाएगा और आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। सत्यापन के बाद ही डेटा को JSAS के पास भेजा जाएगा।

पंजीकरण प्रक्रिया पर भी दी गई जानकारी

वरिष्ठ परामर्शी विवेक कुमार नायक ने पंजीकरण की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए बताया कि DDO या HOD स्तर पर आवेदनों की स्वीकृति के बाद ही आगे की प्रक्रिया संभव होगी। उन्होंने कहा कि पोर्टल के माध्यम से अनुमोदन और सत्यापन को सरल बनाया गया है।

कार्यक्रम में टाटा एआईजी के चीफ मैनेजर मुकेश पराशर, जैप-आईटी के सीईओराजकुमार, JSAS के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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