New Delhi: अक्सर घरों में देखा जाता है कि जैसे ही उबलती हुई चाय में गुड़ डाला जाता है, दूध तुरंत फट जाता है। कई लोग इसे दूध की खराबी समझते हैं, लेकिन असल में यह एक रासायनिक प्रक्रिया है। गुड़ एक प्राकृतिक और कम रिफाइंड पदार्थ है, जिसमें मैलिक एसिड जैसे कई कार्बनिक एसिड मौजूद होते हैं।

प्रोटीन और एसिड की जंग

दूध में ‘केसीन’ (Casein) नाम का एक मुख्य प्रोटीन पाया जाता है। जब गुड़ का अम्ल (Acid) गर्म दूध के संपर्क में आता है, तो दूध का यह प्रोटीन जमने लगता है और दूध फट जाता है। इसके विपरीत, चीनी पूरी तरह रिफाइंड होती है और उसमें कोई एसिड नहीं होता, इसलिए चीनी वाली चाय कभी नहीं फटती।

अदरक और तुलसी भी हैं जिम्मेदार

सिर्फ गुड़ ही नहीं, अदरक भी चाय को फाड़ने में भूमिका निभा सकता है। अदरक में ‘प्रोटियोलाइटिक एंजाइम्स’ होते हैं जो दूध के प्रोटीन को तोड़ देते हैं। यदि अदरक को पानी में उबालने के बजाय सीधे दूध के साथ देर तक उबाला जाए, तो चाय फटने की संभावना बढ़ जाती है। इसी तरह बहुत ज्यादा तुलसी उबालने से भी पानी की अम्लता बढ़ जाती है, जिससे दूध फट सकता है।

दूध फटने से बचाने के अचूक उपाय

यदि आप गुड़ वाली चाय के शौकीन हैं और चाहते हैं कि दूध न फटे, तो कुछ आसान तरीके अपना सकते हैं:

  • गैस बंद करने के बाद डालें गुड़: चाय को पूरी तरह पका लें और गैस बंद करने के बाद ही गुड़ मिलाएं।

  • पाउडर गुड़ का उपयोग: कद्दूकस किया हुआ या पाउडर गुड़ जल्दी घुलता है और इसे ज्यादा उबालने की जरूरत नहीं पड़ती।

  • पुराना गुड़ है बेहतर: ताजा या नया गुड़ ज्यादा अम्लीय होता है, जबकि पुराना और सूखा गुड़ चाय के लिए सुरक्षित माना जाता है।

कभी-कभी दूध देखने में ठीक लगता है, लेकिन चाय में जाते ही फट जाता है। ऐसा तब होता है जब दूध पुराना हो और उसमें बैक्टीरिया ने ‘लैक्टिक एसिड’ बनाना शुरू कर दिया हो। भले ही दूध पूरी तरह खराब न लगा हो, लेकिन गर्म होने पर उसकी पीएच (pH) वैल्यू कम हो जाती है और वह फट जाता है।

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