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Koderama News: ग्रिजली पब्लिक स्कूल के जूनियर विंग ग्रिजली किड्स में नर्सरी के बच्चों के लिए अल्फाबेट रैंपवॉक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्कूल को थीम के अनुसार रंग-बिरंगे गुब्बारे, चमकते सितारे और हवा में लहराते ए-टू-ज़ेड के बड़े-बड़े कट-आउट्स से सजाया गया। कार्यक्रम की सुरीली शुरुआत नन्हे बच्चों द्वारा ‘ए-बी-सी’ राइम्स गाकर की गई।
इस आयोजन का उद्देश्य और महत्व केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं था, बल्कि यह बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम था। इसका मुख्य लक्ष्य बच्चों को ‘प्ले-वे’ पद्धति से अक्षरों और उनसे शुरू होने वाले शब्दों के बीच संबंध समझाना था। जब बच्चा खुद एक ‘लेटर’ बनकर चलता है, तो वह उस अक्षर को अपनी पहचान के साथ जोड़ लेता है, जिससे समझ और गहरी होती है। इसके अलावा, इतनी छोटी उम्र में मंच पर आकर चलना बच्चों के भीतर के ‘स्टेज फियर’ को खत्म करता है।
इस कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी रचनात्मकता और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया। कुछ बच्चे आकर्षक वेशभूषा में अल्फाबेट बनकर आए, तो कुछ उन्हीं अल्फाबेट से जुड़े विभिन्न ऑब्जेक्ट्स के रूप में नजर आए। दोनों समूहों ने मिलकर रैंप वॉक पर अपनी प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। रंग-बिरंगे परिधानों और मासूम अदाओं ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों ने सीखने को मनोरंजक और यादगार बना दिया। कार्यक्रम ने उपस्थित सभी दर्शकों को बेहद प्रभावित किया।
समापन पर प्राचार्या निरजा ने बच्चों को दुलारते हुए एक अनमोल सीख दी। उन्होंने कहा कि जैसे हर अक्षर का अपना अलग स्वर और महत्व है, वैसे ही आप हर बच्चा अद्वितीय है। उन्होंने ज़ोर दिया कि जैसे सभी अक्षर मिलकर एक सुंदर शब्द बनाते हैं, वैसे ही हमें भी जीवन में मिल-जुलकर रहना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी रचनात्मक गतिविधियाँ किताबों के बोझ को हटाकर शिक्षा को बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव बना देती हैं।
इस आयोजन को सफल बनाने में संयोजिका पूजा झा की देखरेख में शिक्षिका सीमा, फातिमा, प्रिया, दिप्ती, रिद्धिमा, साक्षी, सोनी, कला शिक्षक मुकेश के अलावा प्रशासनिक सदस्य रोहित, मनीमाला, रोविंस एवं विकास का अहम योगदान रहा।

