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रांची: झारखंड में एक बार फिर कुदरत का मिजाज बदलने वाला है। चिलचिलाती धूप और बढ़ते पारे के बीच अब बादलों ने डेरा डालना शुरू कर दिया है। रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, शनिवार से राज्य के कई हिस्सों में मौसम करवट लेगा और हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश के साथ वज्रपात (ठनका) की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
शनिवार से शुरू होगा बादलों का खेल
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बदलाव की शुरुआत राज्य के दक्षिणी हिस्सों से होगी। शनिवार को मुख्य रूप से पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला जिलों में आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की बूंदाबांदी होने की प्रबल संभावना है।
रविवार और सोमवार : 14 जिलों में दिखेगा असर
असली बदलाव रविवार को देखने को मिलेगा, जब राज्य के 14 जिलों में मौसम का व्यापक असर दिखेगा। रविवार और सोमवार को राज्य के आधे से अधिक हिस्से में हल्के दर्जे की बारिश और गर्जना होने की संभावना जताई गई है। सोमवार को भी लगभग 11 जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। मंगलवार को भी राहत मिलने के आसार कम हैं; विभाग का मानना है कि उस दिन भी 11 जिलों में गरज के साथ छींटे पड़ेंगे।
क्यों जारी हुआ येलो अलर्ट?
मौसम विभाग जब ‘येलो अलर्ट’ जारी करता है, तो इसका सीधा मतलब होता है कि आने वाले मौसम के प्रति सचेत रहें। विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के दौरान बिजली चमकने और गर्जन के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में पेड़ के नीचे शरण लेना या बिजली के खंभों के पास रहना खतरनाक साबित हो सकता है। विशेष रूप से किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
तापमान का उतार-चढ़ाव : सरायकेला सबसे गर्म, खूंटी में ठंडक
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर गौर करें तो झारखंड में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे।
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सरायकेला राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहाँ पारा 36 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुँचा।
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इसके विपरीत, खूंटी में न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा।
बदलते मौसम में सेहत का रखें ख्याल
तापमान में अचानक होने वाले इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। एक तरफ 35 डिग्री वाली गर्मी और दूसरी तरफ अचानक बारिश से होने वाली नमी, वायरल इन्फेक्शन और सर्दी-जुकाम का कारण बन सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सलाह दी है कि वे बाहर निकलते समय छाता साथ रखें और बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित पक्के मकानों में ही रहें।

