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Tehran (Iran): पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में शांति की उम्मीदें एक बार फिर धुंधली पड़ती दिख रही हैं। अमेरिका के तीन शक्तिशाली विध्वंसक जहाजों और एक विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) के रणनीतिक क्षेत्र में पहुंचते ही ईरान के तेवर कड़े हो गए हैं। दोनों देशों के बीच जारी जुबानी जंग अब सीधी सैन्य कार्रवाई की आशंका में बदल गई है।
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ट्रंप की चेतावनी: हवाई हमले का विकल्प खुला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हो रहे हिंसक दमन के खिलाफ अमेरिका मूकदर्शक नहीं बना रहेगा। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि यदि खामेनेई शासन ने हिंसा बंद नहीं की, तो अमेरिका हवाई हमलों (Air Strikes) का विकल्प चुन सकता है। उन्होंने कहा, “जहाजों का एक विशाल बेड़ा उस दिशा में बढ़ रहा है।”
ईरान का पलटवार: “हवा का जवाब बवंडर से देंगे”
अमेरिकी तैनाती से भड़के ईरान ने भी अपनी सैन्य तैयारियों का प्रदर्शन किया है:
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ट्रिगर पर उंगली: रिवॉल्यूशनरी गार्ड के कमांडर ने हुंकार भरते हुए कहा है कि उनकी सेना किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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प्रोपेगेंडा पोस्टर: तेहरान के मुख्य चौक पर एक विशाल पोस्टर लगाया गया है जिसमें अमेरिकी विमानवाहक पोत को तबाह होते दिखाया गया है। इस पर लिखा है— “हवा का जवाब बवंडर से दिया जाएगा।”
ईरान में गृहयुद्ध जैसे हालात
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के भीतर आर्थिक तंगी और महंगाई के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों ने अब एक बड़े विद्रोह का रूप ले लिया है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक 5,000 से ज्यादा लोगों की जान जाने की खबर है। अमेरिका इसी मानवीय संकट और दमनकारी कार्रवाई को आधार बनाकर ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ा रहा है।
मौजूदा स्थितियों ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है, क्योंकि अरब सागर में बढ़ती यह हलचल वैश्विक सुरक्षा और तेल आपूर्ति के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

