Washington, (US): मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग के बीच अमेरिका ने कैलिफोर्निया तट पर अपनी विनाशकारी ‘डूम्सडे’ बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सांता बारबरा के पास वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से रात 11 बजे मिनटमैन-3 बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की गई। यह मिसाइल हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से 20 गुना ज्यादा ताकतवर परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। यूएस स्पेस फोर्स के मुताबिक, ‘जीटी 254’ के रूप में जाना जाने वाला यह निहत्था रॉकेट, प्रशांत महासागर में मार्शल द्वीप के पास अपने टार्गेट पर सटीक जाकर गिरा।

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रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दिनों अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर जो बड़ा हमला किया था, उसमें देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही पूरा मिडिल ईस्ट जंग की चपेट में आ गया है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान की तरफ से इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर लगातार हमले जारी हैं। वहीं हिज्बुल्लाह के सक्रिय होने के बाद इजराइल ने लेबनान और बेरुत में भारी बमबारी की है। इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने भी ईरान पर हमले तेज करने की कसम खाई है और चेतावनी दी है कि एक बहुत बड़ा हमला होने वाला है।

एयर फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने स्पष्ट किया है कि मंगलवार का यह परीक्षण नियमित था और कई साल पहले से तय था। मिनटमैन-3 मिसाइल अमेरिका के परमाणु त्रिकोण का एक मुख्य हिस्सा है, जिसमें जमीन, समुद्र और हवा से दुनिया को नष्ट करने वाले हथियार लॉन्च करने की क्षमता शामिल है। इसे परमाणु जंग को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि अगर अमेरिका पर कभी हमला हो, तो वह तुरंत जवाबी हमला कर सके। ट्रंप द्वारा परमाणु परीक्षणों को फिर से शुरू करने के आह्वान के बाद नवंबर में भी यह मिसाइल लॉन्च की गई थी।

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बता दें कि मिनटमैन-3 अमेरिका की सबसे पुरानी आईसीबीएम (ICBM) है, जो 1970 के दशक से सेवा में है। यह जमीन से लॉन्च होती है और 13,000 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन को पल भर में खत्म कर सकती है। अमेरिका के पास ऐसी करीब 400 मिसाइलें हैं, जो रूस और चीन जैसे देशों के खिलाफ उसकी रक्षा का हिस्सा हैं। इस मिसाइल का नाम ‘मिनटमैन’ इसलिए पड़ा क्योंकि यह सिर्फ एक मिनट में हमले के लिए तैयार हो जाती है। अमेरिका 2030 तक इसे नई मिसाइलों से बदलने की योजना बना रहा है, लेकिन तब तक इस तरह के टेस्ट जारी रहेंगे।

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