U.P. News: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के नवाबगंज क्षेत्र में आज उस समय सनसनी फैल गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गाड़ियों का काफिला अचानक अनुराग द्विवेदी के ठिकानों पर पहुंचा। ड्रीम-11 और फैंटेसी क्रिकेट के जरिए चर्चा में आए अनुराग द्विवेदी अब आय से अधिक संपत्ति और करोड़ों रुपये के कथित सट्टा नेटवर्क को लेकर जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।
उन्नाव में ED की बड़ी दबिश: अनुराग द्विवेदी के साम्राज्य पर छापेमारी, सट्टा नेटवर्क और बेहिसाब निवेश का शक
ईडी की 16 सदस्यीय टीम ने पूरी गोपनीयता के साथ नवाबगंज कस्बे और अनुराग के पैतृक गांव भितरेपार खजूर में एक साथ छापेमारी की। टीम की 10 गाड़ियों ने पूरे इलाके को घेर लिया और घंटों तक छानबीन जारी रही।
दस्तावेजों की गहन पड़ताल और चाचा के घर भी पहुंची टीम
जिस समय ईडी की टीम ने दस्तक दी, उस वक्त अनुराग द्विवेदी अपने आवास पर मौजूद नहीं थे। हालांकि, जांच टीम ने उनके चाचा नपेन्द्र नाथ द्विवेदी के घर पर भी सघन तलाशी ली। टीम ने घर के अंदर मौजूद बैंकिंग दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजातों को कब्जे में लेकर उनकी बारीकी से जांच की।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी को संदेह है कि अनुराग द्विवेदी ने ड्रीम-11 के जरिए बड़े पैमाने पर सट्टा नेटवर्क संचालित किया और उससे अर्जित धन को विभिन्न संपत्तियों और माध्यमों में निवेश किया। उनकी घोषित आय और वर्तमान संपत्तियों के बीच भारी अंतर पाया गया है, जो इस छापेमारी का मुख्य आधार बना।
कार्रवाई के दौरान स्थानीय प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट मोड पर रहा। हालांकि, ईडी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन नवाबगंज और आसपास के इलाकों में इस छापेमारी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय लोग अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित नामों और बड़े खुलासे का इंतजार कर रहे हैं।



