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Ranchi : जिला प्रशासन की एक सराहनीय पहल के तहत आज समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित कॉन्फ्रेंस कक्ष में पेंशन दरबार-सह-सेवा निवृत्ति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त, मंजूनाथ भजन्त्री ने की। इस अवसर पर जिले के नौ सेवानिवृत्त शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके लंबे और अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उपायुक्त ने सभी को मोमेंटो, शाल और सम्मान पत्र भेंट कर उनके कार्यकाल की सराहना की।
इस समारोह की सबसे खास बात यह रही कि सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी शिक्षकों को पेंशन से जुड़ी पूरी सुविधाएं और लाभ उपलब्ध करा दिए गए। यह पहल रांची जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जा रही है।
सम्मानित शिक्षक
- तलत फातमा, राजकीय मध्य विद्यालय उर्दू, हिन्दपीढ़ी
- सुनिता कुमारी, राजकीय मध्य विद्यालय अशोकनगर
- रेखा कच्छप, राजकीय मध्य विद्यालय चुद्ध, कांके
- सच्चिदानंद महतो, राजकीय मध्य विद्यालय अरसंडे, कांके
- नीलम अंजु पुर्ति, राजकीय मध्य विद्यालय मासु, अनगड़ा
- पुष्पा टोप्पो, राजकीय मध्य विद्यालय अनगड़ा
- मनोज कुमार सिंह, राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय गुड़गुड़जाड़ी, मांडर
- सोमर साहु, राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय पांडु लापुंग
- खीस्त दुलारी सुबरदानी कुल्लू, बेथेसदा बालिका मध्य विद्यालय, रांची
उपायुक्त का संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री भजन्त्री ने कहा “शिक्षक समाज के निर्माता होते हैं, जिनका योगदान अतुलनीय है। आप सभी ने अपने कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी है। सेवानिवृत्ति का मतलब जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक नई पारी की शुरुआत है।”
उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे अपने अनुभव और ज्ञान को आगे भी समाज के साथ साझा करें और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहें। उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधीक्षक और उनकी टीम की विशेष सराहना की, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल सेवानिवृत्त कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में शिक्षा के महत्व को भी मजबूत संदेश देते हैं।

