Health News: भारत जैसे देश में जहां हर तीन महीने में मौसम बदलता है, वहां संक्रामक रोगों का प्रकोप बढ़ना आम बात है। इन्हीं में से एक खतरनाक बीमारी है टाइफाइड। यह बुखार एक विशेष बैक्टीरिया के कारण होता है, जो संक्रमित व्यक्ति के मल के माध्यम से दूषित हवा और पानी में फैल जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, टाइफाइड सीधे तौर पर हमारे लिवर को प्रभावित करता है और सही समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है।

बच्चों में टाइफाइड के प्रमुख लक्षण : यदि आपके बच्चे में नीचे दिए गए लक्षण दिख रहे हैं, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें:

  • लगातार बढ़ता बुखार: टाइफाइड में बुखार हर दिन कम होने के बजाय बढ़ता जाता है।

  • शारीरिक कमजोरी: बच्चे को अत्यधिक थकान और सिरदर्द महसूस होना।

  • पेट की समस्या: भूख न लगना, पेट में तेज दर्द और दस्त (Diarrhea) आना।

  • त्वचा पर निशान: छाती पर गुलाबी रंग के छोटे निशान या चपटे चकत्ते पड़ना।

  • जीभ पर परत: जीभ का रंग बदलना और उस पर सफेद या मटमैली मोटी परत जमना।

  • लिवर और पेट पर असर: संक्रमण बढ़ने पर लिवर का आकार बढ़ जाना और पेट में अल्सर की संभावना पैदा होना।

बचाव और सावधानी : टाइफाइड से बचाव का सबसे सरल तरीका स्वच्छता है। बच्चों को हमेशा उबला हुआ पानी पिलाएं और बाहर के खुले हुए खाद्य पदार्थों से दूर रखें। चूंकि यह बीमारी लिवर को कमजोर कर देती है, इसलिए मरीज के खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। टाइफाइड के लक्षण नजर आते ही देरी न करें, क्योंकि लापरवाही बच्चे की जान जोखिम में डाल सकती है।

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