Jharkhand News: झारखंड के पलामू जिले में पुलिस और उग्रवादी संगठन TSPC (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमिटी) के बीच हुई मुठभेड़ के बाद घायल हुए सब जोनल कमांडर गौतम यादव को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया गया है। गौतम मुठभेड़ के दौरान पेट में गोली लगने के बाद फरार हो गया था और वाराणसी में अपना नाम बदलकर इलाज करवा रहा था।
पलामू की पुलिस अधीक्षक (एसपी) रीष्मा रमेशन ने जानकारी दी कि गौतम यादव की गिरफ्तारी वाराणसी से की गई है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की एक विशेष टीम एएसपी (अभियान) राकेश सिंह के नेतृत्व में वाराणसी भेजी गई थी। मिली सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर पुष्टि की और फिर उसे अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया।
गौतम बिहार के इमामगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस जांच में पता चला कि वह मिथिलेश यादव के नाम से वाराणसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती था। अस्पताल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उसकी पहचान की पुष्टि हुई। पुलिस ने उसे वाराणसी की अदालत में पेश किया और अब वह पुलिस कस्टडी में इलाज करा रहा है। जैसे ही उसकी हालत में सुधार होगा, उसे मेदिनीनगर सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि 15 मई को पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के होटवाग में TSPC के शीर्ष इनामी उग्रवादी शशिकांत के दस्ते और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में पुलिस ने एके-47 की गोलियों सहित कई आपत्तिजनक सामग्रियाँ जब्त की थीं। इसी मुठभेड़ में गौतम यादव को पेट में गोली लगी थी। घायल अवस्था में वह अपने करीबी रिश्तेदार के साथ वाराणसी भाग गया और इलाज कराने लगा।
गौतम यादव TSPC संगठन का सक्रिय सदस्य और सब जोनल कमांडर था। उसकी गिरफ्तारी से संगठन को एक बड़ा झटका लगा है और पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।



