रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का 15वां दिन हंगामेदार रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जनहित और प्रशासनिक विसंगतियों के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। हटिया विधायक नवीन जायसवाल और पौड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने सड़क जाम, मतदाता सूची में गड़बड़ी और आरक्षण जैसे गंभीर विषयों पर सरकार से जवाब मांगा।
विधायक को झेलना पड़ा 3 किमी का ‘टॉर्चर’
हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने सदन में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने बताया कि रसोइया और आंगनबाड़ी सेविकाओं के प्रदर्शन के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद था, जिसके चलते उन्हें करीब 3 किलोमीटर का चक्कर काटकर विधानसभा पहुंचना पड़ा। जायसवाल ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज राज्य की जनता अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर है। उन्होंने मांग की कि प्रदर्शनकारियों की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए ताकि आम जनता को इस ‘जाम के जंजाल’ से मुक्ति मिले।
20 लाख वोटर्स के नाम कटने की आशंका और OBC आरक्षण का पेच
वहीं, विधायक प्रदीप यादव ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए सदन को सन्न कर दिया। उन्होंने कहा कि पैरेंटल मैपिंग के नाम पर झारखंड में अब तक लगभग 12 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं और यह आंकड़ा 20 लाख तक पहुंच सकता है। यादव ने आरोप लगाया कि इसका सबसे ज्यादा असर आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों पर पड़ रहा है।
OBC आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने दुमका में हुई चौकीदार बहाली का उदाहरण दिया, जहाँ 50% से अधिक आबादी होने के बावजूद पिछड़ों को एक भी पद नहीं मिला। उन्होंने राज्य सरकार से जातीय जनगणना कराने और स्थानीय युवाओं के लिए 75% नियोजन कानून को मजबूती से लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की मांग की।
आउटसोर्सिंग में शोषण और जमीन सर्वे की मांग
प्रदीप यादव ने आउटसोर्सिंग नौकरियों में स्थानीय युवाओं के साथ हो रही ‘वसूली’ और शोषण का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने सरकार की ‘सर्वजन पेंशन योजना’ की तारीफ तो की, लेकिन साथ ही अंचल अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए, जो भूमिहीनों को निवास प्रमाण पत्र देने में आनाकानी कर रहे हैं। उन्होंने 1980 से लंबित भूमि सर्वेक्षण को जल्द पूरा करने की अपील की ताकि जमीन विवादों का निपटारा हो सके।



