Ranchi : आदिवासी अस्तित्व बचाओ मोर्चा की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को सिरमटोली सरना स्थल में आयोजित की गई। बैठक में आगामी 12 अक्टूबर को मोरहाबादी मैदान में होने वाली आदिवासी महारैली की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। संगठन के अगुवा अजय तिर्की की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्यभर के जनजातीय प्रतिनिधि शामिल हुए।

अजय तिर्की ने कहा कि इस महारैली में राज्य के 24 जिलों के 32 जनजातीय समुदायों के लोग पारंपरिक वेशभूषा और हथियारों के साथ हिस्सा लेंगे। यह रैली आदिवासी समाज के हक, अस्मिता और अस्तित्व की रक्षा का प्रतीक बनेगी। उन्होंने कहा कि आज के समय में आदिवासी पहचान को लेकर कई तरह की चुनौतियां सामने आ रही हैं, जिनका एकजुट होकर सामना किया जाएगा।

इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता ग्लैडसन डुंगडुंग ने कहा कि कुड़मी महतो समाज इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है और आदिवासी दर्जे की मांग करके असली आदिवासियों के अधिकारों पर अतिक्रमण का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी मंसूबे को सफल नहीं होने दिया जाएगा। डुंगडुंग ने आजसू नेता चंद्रप्रकाश चौधरी पर तंज कसते हुए कहा कि एक ओर वे ओबीसी आरक्षण के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आदिवासी दर्जे की मांग कर रहे हैं, जो विरोधाभासी है।

संगठन के सदस्य प्रवीण कच्छप ने कहा कि आदिवासी समाज पर विभिन्न दिशाओं से हमले हो रहे हैं और यह महारैली उस एकजुटता का प्रदर्शन होगी जो समाज को अपनी पहचान बनाए रखने के लिए जरूरी है।

वहीं फूलचंद तिर्की और सुषमा बिरुली ने कहा कि कुड़मी समाज की आदिवासी दर्जे की मांग का सख्त विरोध जारी रहेगा और राज्य सरकार को इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने रेल टेका आंदोलन की आड़ में कानून व्यवस्था भंग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।

बैठक में रुपचंद तिर्की, नवीन तिर्की, प्रकाश उरांव, सुषमा बडाईक, एतवा उरांव, बबलू उरांव, अनिल बड़ी, अजित कुमार, ज्योति और सुषमा बिरुली  सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Share.
Exit mobile version