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India News: अपनी पुरानी बाइक को नया लुक देने या स्कूटर की आवाज बढ़ाने का शौक अब आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है। भारत सरकार ने नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत टू-व्हीलर्स में गैर-कानूनी बदलावों को लेकर सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अब अगर आपकी गाड़ी में कोई भी ऐसा पार्ट पाया गया जो ARAI द्वारा अप्रूव्ड नहीं है, तो ट्रैफिक पुलिस तुरंत आपका भारी-भरकम चालान काट देगी।
5 से 10 हजार तक का फटका: साइलेंसर और लाइट पर खास नजर
नियमों के मुताबिक, बाइक या स्कूटर में बिना मंजूरी वाले साइलेंसर, चकाचौंध करने वाली हेडलाइट्स, चौड़े टायर या सस्पेंशन बदलना अब पूरी तरह गैर-कानूनी है। अगर आप पहली बार पकड़े जाते हैं, तो आपको 5,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। लेकिन अगर दोबारा उसी गलती के साथ पकड़े गए, तो यह जुर्माना सीधे 10,000 रुपये तक पहुंच जाएगा। इतना ही नहीं, पुलिस को अधिकार है कि वह आपकी गाड़ी को मौके पर ही सीज कर दे या उसका रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दे।
मैकेनिक और डीलर भी रडार पर: 25 हजार रुपये का जुर्माना
खास बात यह है कि इस बार गाज सिर्फ गाड़ी मालिक पर ही नहीं गिरेगी। नियम अब उन गैराज मालिकों और डीलर्स के लिए भी कड़े कर दिए गए हैं जो बिना मंजूरी वाले पार्ट्स बेचते या फिट करते हैं। अगर कोई दुकानदार आपकी बाइक में गैर-कानूनी मॉडिफिकेशन करता पाया गया, तो उस पर 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सरकार का मकसद सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन मॉडिफिकेशन्स को रोकना है जो दूसरे ड्राइवरों और पैदल चलने वालों के लिए खतरा बनते हैं।

