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रांची: झारखंड के शहरी इलाकों में ‘नगर सरकार’ चुनने की घड़ी नजदीक आ गई है। राज्य के 48 नगर निकायों में हो रहे चुनाव के लिए चल रहा धुआंधार प्रचार शनिवार शाम 5 बजे आधिकारिक रूप से थम जाएगा। इसके बाद लाउडस्पीकर, रैलियां और सभाएं पूरी तरह प्रतिबंधित हो जाएंगी। प्रचार का शोर थमते ही अगले 36 घंटों तक प्रत्याशी केवल ‘साइंट संपर्क’ यानी घर-घर जाकर मतदाताओं से व्यक्तिगत अपील कर सकेंगे।
23 फरवरी को मतदान, 27 को नतीजे
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदान 23 फरवरी (सोमवार) को सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलेगा। मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। इस बार चुनाव बैलेट पेपर के जरिए और गैर-दलीय आधार पर हो रहे हैं, जिसका मतलब है कि प्रत्याशी किसी राजनीतिक दल के सिंबल पर नहीं बल्कि अपने व्यक्तिगत प्रभाव और आवंटित चुनाव चिन्हों पर चुनाव लड़ रहे हैं। वोटों की गिनती 27 फरवरी को की जाएगी और उसी दिन शाम तक स्पष्ट हो जाएगा कि शहरों की कमान किसके हाथ में होगी।
लंबे इंतजार के बाद मिली राहत
झारखंड में पिछला निकाय चुनाव 2018 में हुआ था। इसके बाद ओबीसी आरक्षण, ट्रिपल टेस्ट और वार्ड परिसीमन जैसे कानूनी पचड़ों के कारण चुनाव लगातार टलते रहे। अंततः, झारखंड उच्च न्यायालय के कड़े हस्तक्षेप के बाद अब चुनाव संपन्न कराए जा रहे हैं। राज्य के 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों में आदर्श आचार संहिता लागू है। जिला प्रशासन ने संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त बल तैनात किया है और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी मतदान केंद्रों को ‘तंबाकू मुक्त क्षेत्र’ भी घोषित किया है।

