रांची। राजधानी में किसी मामले को लेकर यदि आप धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली आदि की सोच रहे हैैं तो सावधान हो जाएं अन्यथा आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल, हाल के दिनों में पूर्व में निर्धारित स्थान जाकिर हुसैन पार्क की जगह कुछ कतिपय संगठनों/दलों द्वारा धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली आदि राजभवन मुख्य द्वार, मुख्यमंत्री आवास, कांके रोड पर कर रहे हैं। इससे सरकारी काम-काज में व्यवधान उत्पन्न होने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था बाधित हो रही हैै। साथ ही, विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने समेत लोक परिशांति भंग होने की भी आशंका है। इसलिए अनुमंडल दण्डाधिकारी, सदर द्वारा बीएनएसएस की धारा-163 के तहत कई स्थानों पर निषेधाज्ञा लगाई गई है। इसका अनुपालन नहीं करने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती है और उन्हें काेर्ट का चक्कर लगाना पड़ सकता है। यह निषेधाज्ञा 2 मई 2025 या अगले आदेश तक जो पूर्व लागू हो तक रहेगा।

इन स्थानों पर लगी निषेधाज्ञा

  • मुख्यमंत्री आवास कांके रोड की चहारदीवारी से 100 मीटर की परिधि में।
  • राजभवन की चहारदीवारी से 100 मीटर की परिधि में (जाकिर हुसैन पार्क को छोड़ कर)।
  • झारखंड उच्च न्यायालय की चहारदीवारी से 100 मीटर की परिधि में।
  • नये विधानसभा की चहारदीवारी से 500 मीटर की परिधि में।
  • प्रोजेक्ट भवन, नेपाल हाउस, भवन के 100 मीटर की परिधि में।
  • प्रोजेक्ट भवन, एच.ई.सी. धुर्वा, भवन के 200 मीटर की परिधि में।

उक्त स्थानों पर निम्न प्रकार की निषेधाज्ञा जारी की गयी है-

  • बिना सक्षम प्राधिकार के पुर्वानुमति के किसी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, रैली या आमसभा का आयोजन करना। (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों एवं न्यायालय कार्य एवं धार्मिक तथा अंत्येष्टि कार्यक्रम को छोडकर)।
  • किसी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र, जैसे-बंदूक, राईफल, रिवाल्वर, पिस्टल, बम, बारूद आदि लेकर निकलना या चलना। (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/ कर्मचारियों को छोड़कर)।
  • किसी प्रकार के हरवे हथियार जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला आदि लेकर निकलना या चलना। (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)।
  • बिना सक्षम प्राधिकार के पुर्वानुमति के किसी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना। (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)।
  • यह आदेश जिला प्रशासन द्वारा प्रतिनियुक्त किसी भी पदाधिकारी अथवा बल पर लागू नहीं होगा।
Share.
Exit mobile version