Close Menu
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Public AddaPublic Adda

  • Home
  • India
  • World
  • States
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
  • Politics
  • Sports
  • Social/Interesting
  • More Adda
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Home»#Trending»इन 16 मसाला ब्रांड जांच में हुए फेल, FSDA ने माना ‘खाने योग्य नहीं’, जानें
#Trending

इन 16 मसाला ब्रांड जांच में हुए फेल, FSDA ने माना ‘खाने योग्य नहीं’, जानें

एडिटरBy एडिटरJuly 27, 20244 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Threads Telegram
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link

अपनी भाषा चुनेें :

बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...

Kanpur : जिन मसालों को आप खाते हैं, उससे आपकी सेहत बिगड़ रही है। गोल्डी, अशोक, भोला सब्जी मसाले समेत 16 कंपनियों के सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं। यूपी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) का कहना है- कंपनियों के कई प्रोडक्ट खाने योग्य नहीं हैं।

  • सब्जी मसालों में मिले कीड़े और पेस्टिसाइट्स, बिक्री पर रोक लगाई

दरअसल, एफएसडीए के अफसरों ने इसी साल मई में कानपुर में मसालों की कंपनियों पर छापा मारा था। 16 कंपनियों के अलग-अलग मसालों के 35 प्रोडक्ट के सैंपल लेकर जांच के लिए आगरा भेजे थे। इनमें से 23 की रिपोर्ट सामने आई है। इसमें पेस्टीसाइड और कीटनाशक (इंसेक्टिसाइड) की मात्रा काफी अधिक पाई गई। कीड़े भी मिले हैं। इसके बाद एफएसडीए ने मसालों के इन प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगा दी है। गोल्डी मसाले के ब्रांड एंबेसडर अभिनेता सलमान खान हैं।

  • गरम मसाला, बिरयानी और सांभर मसाला में मिली कमी

मसालों की ज्यादातर कंपनियां कानपुर में हैं। एफएसडीए के अफसरों ने कानपुर के दादानगर की शुभम गोल्डी मसाला कंपनी से सैंपल कलेक्ट किए थे। उनमें सांभर मसाला, चाट मसाला और गरम मसाला अनसेफ मिला है। यह कंपनी गोल्डी ब्रांड के लिए प्रोडक्ट बनाती है। इसी तरह अशोक मसालों की दो कंपनियों के प्रोडक्ट में कमियां मिलीं। इनके प्रोडक्ट- धनिया पाउडर, गरम मसाला और मटर पनीर मसाला खाने योग्य नहीं मिला। इसी तरह भोला मसाले के प्रोडक्ट की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। लोकल लेवल पर बिकने वाली 14 अन्य कंपनियों के प्रोडक्ट में हानिकारक पदार्थ पाए गए हैं। इन कंपनियों के हल्दी पाउडर में भी पेस्टिसाइट्स मिला है।

13 मसाला फैक्ट्रियों पर रेड की गई थी

सहायक खाद्य आयुक्त संजय प्रताप सिंह ने बताया- अशोक, गोल्डी ब्रांडेड मसालों समेत अन्य कंपनियों के 23 नमूनों में कीड़े, दूषित पदार्थ (पेस्टिसाइड्स) मिला है। एमडीएच और एवरेस्ट मसालों के नमूने फेल होने के बाद शासन के निर्देश पर सैंपल लिए गए थे। खाद्य एवं औषधि विभाग ने मई में अभियान चलाकर शहर की 13 मसाला फैक्ट्रियों पर रेड की थी।

  • कंपनियों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा

उन्होंने बताया- अलग-अलग कारखानों से 35 सब्जी मसालों के नमूने लिए थे। सभी जांच के लिए लैब भेजे गए थे। अब खाद्य विभाग जिन कंपनियों के मसालों के सैंपल फेल मिले हैं। उनके मालिकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब संतोषजनक न होने पर सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उनके खिलाफ ्रष्ठरू सिटी कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा। इसके बाद सभी पर जुर्माना तय किया जाएगा।

  • खतरनाक कीटनाशक कार्बेंडाजिम मिला

16 सैंपल में खतरनाक कीटनाशक और 7 में माइक्रो बैक्टीरिया मिले हैं। पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में मसालों में जानलेवा बैक्टीरिया पाए गए हैं। साथ ही कार्बेंडाजिम भी मिला है, जिसका इस्तेमाल फफूंदी नियंत्रण के लिए होता है। कार्बेंडाजिम के इस्तेमाल से सेहत पर कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं। दिल और गुर्दे पर खतरनाक असर पड़ता है। बांझपन और अन्य प्रजनन समस्याएं हो सकती हैं। एक अन्य नामचीन मसाले में प्रोपरगाइट मिला है। यह एक एराकिसाइड है। इसका इस्तेमाल खेतों में कीड़ों से फसलों की रक्षा के लिए किया जाता है। विशेष रूप से इसका इस्तेमाल मकड़ी के खिलाफ होता है।

  • लीवर और किडनी में कर सकते हैं इफेक्ट

मसालों में जो हानिकारक तत्व मिले हैं। उसका शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है। इनके प्रयोग से आंसू आना, खांसी, हृदय, लीवर और किडनी पर प्रभाव पड़ सकता है। एफएसडीए की माने तो जहां से नमूने लिए गए थे, वहां से सब्जी मसालों की सप्लाई कानपुर के अलावा गोरखपुर, जौनपुर, झांसी, वाराणसी, फतेहपुर, बहराइच समेत कई शहरों में की जा रही थी। इस पर अब रोक लगाई गई है। स्पाइस बोर्ड के अनुसार, 10.7 सेल्सियस से ऊपर के तापमान पर एथिलीन ऑक्साइड ज्वलनशील और रंगहीन गैस बनाता है। यह कीटाणुनाशक, स्टरलाइजिंग एजेंट और कीटनाशक के रूप में काम करता है। इसका इस्तेमाल मेडिकल इक्विपमेंट्स को स्टरलाइज करने और मसालों में माइक्रोबियल कंटेमिनेशन को कम करने के लिए किया जाता है। वल्र्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर एथिलीन ऑक्साइड को ग्रुप 1 कार्सिनोजेन के रूप में वर्गीकृत करती है। यानी यह निष्कर्ष निकालने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि यह मनुष्यों में कैंसर का कारण बन सकता है। एथिलीन ऑक्साइड से लिम्फोमा और ल्यूकेमिया जैसे कैंसर हो सकते हैं। पेट और स्तन कैंसर भी हो सकता है।

इस खबर को भी पढ़ें : योगी सरकार ने कोर्ट में कहा: धार्मिक भावनाओं की रक्षा हमारी दायित्व

इस खबर को भी पढ़ें : पत्नी की शिकायत, पति को उठा थाने ले गई पुलिस.. दिया थर्ड डिग्री

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Follow on Google News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

सम्राट चौधरी का विपक्ष पर बड़ा हमला: महिला आरक्षण पर नारी शक्ति के साथ हुआ धोखा

April 19, 2026

Delhi-Dehradun Expressway : बिना टैक्स दिए फर्राटे से दौड़ रहे वाहन

April 19, 2026

दिल्ली के LG बने तरनजीत संधू, राष्ट्रपति ट्रंप बोले- मजबूत होंगे भारत-US संबंध

April 17, 2026

RECENT ADDA.

उंगलियों के सहारे बड़े-बड़े जोड़-घटाव, गुणा-भाग करना मानसिक संतुलन और एकाग्रता की पहचान है: शिव शंकर सिंह

April 19, 2026

भागलपुर के दो सगे भाइयों ने रचा इतिहास: एक साथ SSC परीक्षा में पाई सफलता

April 19, 2026

सम्राट चौधरी का विपक्ष पर बड़ा हमला: महिला आरक्षण पर नारी शक्ति के साथ हुआ धोखा

April 19, 2026

निर्मली में डिजिटल जालसाजी का भंडाफोड़: फोटो स्टूडियो पर छापेमारी, एक गिरफ्तार

April 19, 2026

किशनगंज SDPO ऑफिस में संदिग्धों की एंट्री, थार समेत तीन हिरासत में

April 19, 2026
Today’s Horoscope
© 2026 Public Adda. Designed by Launching Press.
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Adsense

Home

News

Web Stories Fill Streamline Icon: https://streamlinehq.com

Web Stories

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.