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रांची: झारखंड में आगामी त्योहारों ईद, सरहुल और रामनवमी को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में सीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ “त्वरित और कठोर” कार्रवाई की जाए।
भड़काऊ गानों और सोशल मीडिया पर डिजिटल स्ट्राइक
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सबसे सख्त निर्देश शोभा यात्राओं और जुलूसों को लेकर दिए। उन्होंने कहा कि जुलूस के दौरान किसी भी हाल में भड़काऊ या उत्तेजक गाने नहीं बजने चाहिए। इसके समाधान के लिए उन्होंने एक अनोखा सुझाव दिया—जिला प्रशासन खुद पूजा समितियों और अखाड़ों के साथ समन्वय कर उन्हें ‘प्री-रिकॉर्डेड’ गानों के पेनड्राइव उपलब्ध कराए। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर पैनी नजर रखने के लिए स्पेशल साइबर टीम को मुस्तैद रहने को कहा गया है।
सुरक्षा का ‘थ्री-लेयर’ प्लान : ड्रोन, सीसीटीवी और इंफॉर्मर्स
बैठक में सुरक्षा को लेकर एक व्यापक खाका खींचा गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि:
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एरियल सर्विलांस: जुलूस मार्ग की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाए।
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डॉक्यूमेंटेशन: पूरी शोभायात्रा की वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी ताकि भविष्य के लिए रिकॉर्ड तैयार रहे।
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इंटेलिजेंस: पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ स्थानीय ‘इंफॉर्मर्स’ (मुखबिरों) के नेटवर्क को सक्रिय किया जाए ताकि हर छोटी हलचल की खबर प्रशासन को तुरंत मिले।
महिलाओं-बच्चों के लिए ‘सेफ जोन’ और आपातकालीन व्यवस्था
भीड़भाड़ वाले इलाकों में अक्सर महिलाएं और बच्चे असुरक्षित महसूस करते हैं। इसे देखते हुए सीएम ने जुलूस मार्ग पर जगह-जगह ‘सेफ जोन’ बनाने का निर्देश दिया है। किसी भी अप्रिय घटना या भगदड़ की स्थिति में लोगों को तुरंत इन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सकेगा। साथ ही, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, दंगा रोधी वाहन और वॉटर कैनन जैसी सुविधाओं को ‘स्टैंडबाय’ मोड पर रखने को कहा गया है।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और हाईकोर्ट के आदेश का पालन
संवेदनशील इलाकों और धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा के अतिरिक्त घेरे बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को याद दिलाया कि शोभा यात्रा में इस्तेमाल होने वाले झंडों की लंबाई को लेकर हाईकोर्ट के जो भी दिशा-निर्देश हैं, उनका अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
बैठक में मौजूद रहे दिग्गज अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित पुलिस विभाग के तमाम आला अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने अंत में सभी समुदायों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि त्योहार आपसी भाईचारे का प्रतीक हैं और इसे बिगाड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।

