चाईबासा | रिपोर्टर

पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सोमवार से विशेष जांच अभियान की शुरुआत की गई। झारखंड सरकार के परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा के निर्देश पर जिला परिवहन विभाग ने यह अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य स्कूल बसों और अन्य छात्र परिवहन वाहनों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।

जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने 27 अप्रैल को विभिन्न स्कूलों की बसों की गहन जांच की। इस दौरान डीपीएस स्कूल और संत जेवियर स्कूल की बसों समेत कई निजी वाहनों का निरीक्षण किया गया, जो बच्चों को लाने-ले जाने में उपयोग हो रहे थे। जांच टीम में मोटर यान निरीक्षक नेल्सन तिर्की, सड़क सुरक्षा से जुड़े अधिकारी और कर्मी भी शामिल थे।

निरीक्षण के दौरान वाहनों के सभी जरूरी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र, वाहन कर, प्रदूषण प्रमाण पत्र, परमिट और ओवरलोडिंग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया। जिन वाहनों में किसी प्रकार की कमी पाई गई, उन्हें तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए, वहीं नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

अधिकारियों ने स्कूल बसों में सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी विस्तृत निरीक्षण किया। यह सुनिश्चित किया गया कि प्रत्येक बस के आगे और पीछे स्पष्ट रूप से ‘स्कूल बस’ अंकित हो। बसों में प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशमन यंत्र, खिड़कियों पर सुरक्षा जाली, स्कूल का नाम और संपर्क नंबर लिखा होना अनिवार्य बताया गया। साथ ही बस के दरवाजों में मजबूत लॉक, बच्चों के बैग रखने की पर्याप्त व्यवस्था और प्रत्येक बस में एक सहायक कर्मी की उपस्थिति को भी जरूरी शर्तों में शामिल किया गया।

परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्कूल प्रबंधन, वाहन मालिकों और चालकों को निर्देश दिया कि वे परिवहन नियमों के साथ-साथ सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा बसों की अधिकतम गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। चालकों के लिए कम से कम पांच वर्ष पुराना वैध ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य किया गया है। साथ ही निर्धारित वेशभूषा में वाहन चलाना और बस में यात्रा कर रहे बच्चों की सूची रखना भी जरूरी बताया गया।

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