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रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को 2047 तक आत्मनिर्भर बनाने के पक्षधर हैं। इस लक्ष्य को पूरा करने में शिक्षित युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। युवाओं से उम्मीद है कि वे भारत को विकसित कर हमसब को गौरवान्वित करेंगे। यह बातें शुक्रवार 28 फरवरी 2025 को राज्यपाल झारखंड संताेष गंगवार ने कही। वह नामकुम स्थित झारखंड राय यूनिवर्सिटी के 5वें दीक्षांंत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थेे। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस एवं दीक्षांंत समारोह की संयुक्त बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा विकसित भारत के लिए शिक्षित युवाओं को कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता है। डिग्री तो मिल गई है लेकिन जीवन में मार्ग ढूंढना है, मंजिल तलाशनी है, उपाधि केवल पुरस्कार नहीं बल्कि नई शुरुवात है। अपनी कार्य-कुशलता और शिक्षा को आधार बनाकर समाज, राज्य एवं राष्ट्र को विकसित करने में अपना बहुमूल्य योगदान दें। श्री गंगवार ने कहा मुझे खुशी है कि विकसित भारत के लिए झारखंड राय यूनिवर्सिटी अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि नवाचार, संस्कार, शोध एवं तकनीक प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर भारत के लिए तैयार किया जा रहा है।
विशिष्ट अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों में उत्साह एवं ऊर्जा प्रदान करता है। पिछले दो दीक्षांत समारोह से यहां आ रहा हूं। यहां आकार अच्छा लगता है। श्री मुंडा ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लायी गयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति का व्यापक एवं सकारात्मक असर आने वाले दिनों में दिखेगा। भविष्य का भारत इस शिक्षा नीति के तहत उभरकर सामने आएगा। झारखंड की धरती पर झारखंड राय विश्वविद्यालय ने जो शैक्षणिक बीजारोपण किया है, वह अब फल देने लगा है। आने वाले दिनों में झारखंड ऐसे विश्वविद्यालय के नाम से ही जाना-पहचाना जायेगा। इससे पूर्व अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की चांसलर डॉ हरबीन अरोड़ा राय ने नारी शक्ति के कुल 5 श्रोत की चर्चा कर एक अलग ही समां बांध दिया। वहीं, कुलपति प्रो (डॉ) सविता सेंगर ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों से अतिथियाें को अवगत कराया और बेहतर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में विश्वविद्यालय की भूमिका की चर्चा की।
शक्ति सूत्र : 108 का राज्यपाल ने किया लोकार्पण
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने शक्ति सूत्र : 108 नामक किताब का लोकार्पण किया। किताब की लेखक विश्वविद्यालय की चांसलर डॉ हरबीन अरोड़ा राय हैं। पुस्तक में शक्ति के 108 रूपों एवं सूत्रों का विस्तृत वर्णन किया गया है। इस दीक्षांत समारोह में देश-विदेश की कई प्रसिद्ध हस्तियां शामिल हुईं। इनमें विशिष्ट अतिथि के तौर पर कोस्टारिका के पूर्व उप राष्ट्रपति एचइ एपसी कैम्पबेल बरर, आईवरी कोस्ट के पूर्व मंत्री एचइइयू फरासी याओ, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, काइनेटिक इंजीनियरिंग लिमिटेड के वाइस चेयरमैन सुलाजा फिरोदिया मोटवानी, पावर्टी एजुकेशन फाउंडेशन मलेशिया के चेयरमैन डाटो हाजी जैनल अबिदीन हाजी सकोम समेेत राज्य के कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव, बुद्धिजीवी एवं समाजसेवी का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। कार्यक्रम को सफल बनाने में झारखंड राय विश्वविद्यालय के सभी संकाय के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मियाें समेत छात्र-छात्राओं की भूमिका सराहनीय रही।
10 को गोल्ड, 1 को चांसलर, 23 को मिली पीएचडी की उपाधि
समारोह में 393 छात्र-छत्राओं को डिग्री प्रदान की गई। इनमेें 10 को गोल्ड मेडल, 1 को चांसलर मेडल, 122 को स्नातकोत्तर स्तरीय डिग्री, 184 को स्नातक स्तरीय डिग्री, 87 को डिप्लोमा, 23 को पीएचडी एवं 3 को एमटेक की डिग्री प्रदान की गई। डिग्री एवं उपाधि पाकर छात्र-छत्राएं काफी खुश व उत्साहित दिखे।

