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Washington, (US): अंतरिक्ष की गहराइयों में स्थित एक सुपरमैसिव ब्लैक होल द्वारा तारे को निगलने की घटना ने खगोलविदों के होश उड़ा दिए हैं। आमतौर पर जब कोई ब्लैक होल किसी तारे को अपना ग्रास बनाता है, तो उससे निकलने वाली रोशनी कुछ समय बाद धुंधली पड़ जाती है। लेकिन इस मामले में रहस्यमय तरीके से रोशनी और ऊर्जा समय के साथ और भी तेज होती जा रही है। वैज्ञानिकों ने इस शक्तिशाली जेट को मज़ाकिया लहजे में ‘जेटटी मेकजेटफेस’ (Jetty McJetface) नाम दिया है।
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असामान्य रूप से बढ़ रही है चमक
यह ब्लैक होल पहली बार 2018 में चर्चा में आया था जब इसने अपने गुरुत्वाकर्षण से एक तारे के परखच्चे उड़ा दिए थे। यूनिवर्सिटी ऑफ ओरेगन की एस्ट्रोफिजिसिस्ट यवेटे सेंडेस के अनुसार, यह घटना विज्ञान के लिए एक बड़ी पहेली है क्योंकि चार साल बाद भी इसकी ऊर्जा कम होने के बजाय बढ़ रही है। शोध बताते हैं कि यह ब्लैक होल अब 2019 के मुकाबले करीब 50 गुना ज्यादा चमक पैदा कर रहा है और ब्रह्मांड की सबसे चमकीली वस्तुओं में शामिल हो गया है।
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क्या होता है ‘स्पैगेटीफिकेशन’?
इस विस्फोटक ऊर्जा को वैज्ञानिक भाषा में ‘टाइडल डिसरप्शन इवेंट’ (TDE) कहा जाता है। जब कोई तारा ब्लैक होल के बहुत करीब जाता है, तो गुरुत्वाकर्षण उसे खींचकर लंबा और पतला कर देता है, जिसे वैज्ञानिक ‘स्पैगेटीफिकेशन’ कहते हैं। तारा टूटने के बाद उसके अवशेष ब्लैक होल के चारों ओर घूमते हुए एक चमकदार डिस्क बनाते हैं, जिससे तीव्र रेडिएशन और हाई-एनर्जी जेट बाहर निकलते हैं। ‘एटी2018एचवायझेड’ नामक इस घटना में बना जेट अब तक का सबसे शक्तिशाली माना जा रहा है।
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क्या पृथ्वी को कोई खतरा है?
वैज्ञानिकों ने इस जेट की तुलना काल्पनिक ‘डेथ स्टार’ से की है, लेकिन यह उससे खरबों गुना अधिक शक्तिशाली है। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह घटना पृथ्वी से 66.5 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर एक शांत गैलेक्सी में हो रही है और जेट की दिशा हमारी ओर नहीं है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इसकी ऊर्जा 2027 तक अपने चरम (Peak) पर पहुंचेगी, जिसके बाद यह धीरे-धीरे कमजोर पड़ना शुरू होगी। भविष्य में उन्नत टेलिस्कोप के जरिए इस तरह की दुर्लभ खगोलीय घटनाओं को और करीब से समझने की कोशिश की जाएगी।
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