Patna News: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने ‘इंडिया ब्लॉक’ के भीतर की दरारों को चौड़ा कर दिया है। चुनावी हार के मलबे से अब आरोपों के पत्थर निकल रहे हैं, जो सीधे सहयोगी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर फेंके जा रहे हैं। कांग्रेस के भीतर ही इस समय दो सुर सुनाई दे रहे हैं—एक जो राजद से पिंड छुड़ाना चाहता है और दूसरा जो गठबंधन की ‘अखंडता’ की दुहाई दे रहा है।
दिल्ली के गलियारों में आज उस वक्त हलचल बढ़ गई जब दिग्गज कांग्रेस नेता शकील अहमद ने राजद को कांग्रेस के लिए ‘बोझ’ करार दे दिया। उन्होंने नसीहत दी कि कांग्रेस को अब राजद का साथ छोड़कर अकेले आगे बढ़ना चाहिए क्योंकि इस साथ से पार्टी को कोई लाभ नहीं हो रहा। लेकिन, पार्टी के वरिष्ठ सांसद तारिक अनवर इस ‘बागी’ सुर से इत्तेफाक नहीं रखते।
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तारिक अनवर ने न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में दो टूक कहा, “गठबंधन किसी व्यक्ति विशेष की पसंद-नापसंद से नहीं चलता। हमारा राजद के साथ अटूट रिश्ता है क्योंकि वे ‘इंडिया ब्लॉक’ का हिस्सा हैं। जब तक वे इस बड़े गठबंधन में हैं, हमारे साथ रहेंगे।” अनवर ने शकील अहमद के बयान को उनकी ‘निजी राय’ बताते हुए खारिज कर दिया और याद दिलाया कि गठबंधन के फैसले पटना की गलियों में नहीं बल्कि दिल्ली में आलाकमान के जरिए होते हैं।
बात सिर्फ गठबंधन तक ही सीमित नहीं रही। तारिक अनवर ने गाजियाबाद में हिंदू संगठनों द्वारा हथियार बांटने की घटना पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “अगर सरेआम तलवारें और कुल्हाड़ियां बांटी जाएंगी, तो हम किस दिशा में जा रहे हैं? यह नफरत हमारी एकता और अखंडता को दीमक की तरह चाट जाएगी।”
वहीं, अयोध्या में राम मंदिर न जाने पर भाजपा द्वारा राहुल गांधी की जा रही आलोचना पर भी अनवर ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आस्था कोई ‘प्रदर्शन’ की वस्तु नहीं बल्कि निजी मामला है, जिसे किसी पर थोपा नहीं जा सकता। फिलहाल, तारिक अनवर के बयानों ने साफ कर दिया है कि भले ही बिहार में कांग्रेस के स्थानीय नेता राजद से नाराज हों, लेकिन शीर्ष स्तर पर फिलहाल ‘तलाक’ की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है।



