Patna News: बिहार की सियासत में एक बड़ा राजनीतिक भूचाल आ सकता है। मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने संकेत दिया है कि उनकी पार्टी आगामी बिहार विधानसभा चुनाव का बहिष्कार कर सकती है। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय जनता से विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।

बुधवार को पटना के पोलो रोड स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने कहा कि 17 अगस्त से वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ ‘वोट अधिकार यात्रा’ पर निकलेंगे। इस यात्रा के दौरान वे लोगों से सीधे जुड़कर जानेंगे कि चुनाव में हिस्सा लेना चाहिए या नहीं। यात्रा पूरी होने के बाद RJD इस पर गंभीरता से मंथन करेगी।

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी कर रहा है। उनका कहना है कि जब चुनाव आयोग पहले ही सब कुछ तय कर चुका है, तो यह भी संभव है कि हम चुनावी प्रक्रिया में भाग ही न लें।

उन्होंने दावा किया कि मुजफ्फरपुर की मेयर और भाजपा की वरिष्ठ नेता निर्मला देवी का नाम दो अलग-अलग मतदाता सूचियों में दर्ज है। इतना ही नहीं, उनके पास दो EPIC कार्ड हैं और दोनों में अलग-अलग उम्र दर्ज है। यही नहीं, उनके दो देवरों के नाम भी अलग-अलग स्थानों पर सूचीबद्ध हैं और उनके पास भी दो-दो EPIC आईडी हैं।

तेजस्वी ने आगे आरोप लगाया कि भाजपा के संगठन मंत्री भीखू भाई दलसानिया का नाम भी बिहार की मतदाता सूची में दर्ज है, जबकि वे मूल रूप से गुजरात के निवासी हैं। उनका कहना है कि दलसानिया ने पिछली बार गुजरात में मतदान किया था, वहां से नाम कटवाया और अब बिहार में वोट देंगे। तेजस्वी का आरोप है कि चुनाव के बाद वे फिर से गुजरात में नाम दर्ज करवा सकते हैं, जिससे स्पष्ट है कि मतदाता सूची में गंभीर खामियां हैं।

विजय सिन्हा का पलटवार

तेजस्वी यादव के इन आरोपों पर बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता विजय कुमार सिन्हा ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर तेजस्वी को लोकतंत्र पर भरोसा होता, तो वे चुनाव बहिष्कार जैसी बात नहीं करते। यह साफ है कि अपनी हार को पहले से ही भांपकर विपक्ष चुनावी मैदान से भागने की योजना बना रहा है।

सिन्हा ने कहा कि जो लोग संविधान पर भरोसा नहीं रखते, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने तेजस्वी पर बेबुनियाद आरोप लगाने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।

भीखू भाई दलसानिया का नाम बिहार की मतदाता सूची में जुड़ने के सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की अवधारणा पर विचार चल रहा है। अगर कोई व्यक्ति किसी राज्य में लंबे समय से रह रहा है, तो उसे उस राज्य में वोट डालने का अधिकार है। यह पूरी तरह कानूनी है।

तेजस्वी के उम्र संबंधी आरोपों पर विजय सिन्हा ने चुटकी लेते हुए कहा कि वे तेजस्वी को नोटिस भेजेंगे और उनसे उनकी डिग्री दिखाने को कहेंगे, ताकि उनकी उम्र का सही-सही पता लगाया जा सके।

राजनीतिक माहौल गरमाया

तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में गरमी आ गई है। एक ओर RJD चुनाव आयोग और भाजपा पर मतदाता सूची में हेरफेर के गंभीर आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर भाजपा इसे विपक्ष का बहाना करार दे रही है। ‘वोट अधिकार यात्रा’ के बाद इस मुद्दे पर RJD की स्थिति स्पष्ट होगी, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि आने वाले दिनों में इस विवाद से बिहार का राजनीतिक पारा और चढ़ने वाला है।

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