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Ranchi : झारखंड में साहिबगंज जिले से जुड़े अवैध पत्थर खनन मामले को लेकर सियासी हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा सीबीआई जांच जारी रखने के फैसले का खुलकर स्वागत किया है। उन्होंने इसे राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक “महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम” करार दिया।
बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगातार विरोध किए जाने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच को जारी रखने का स्पष्ट निर्देश देकर कानून का राज मजबूत किया है। उन्होंने दावा किया कि साहिबगंज में 1,500 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध पत्थर खनन से जुड़ा पूरा मामला बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी थी।
मरांडी ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में झारखंड उच्च न्यायालय की उस व्यवस्था को सही ठहराया है, जिसमें सीबीआई जांच के आदेश दिए गए थे। साथ ही, इस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को भी खारिज कर दिया गया है। उनके अनुसार, यह कदम राज्य सरकार की उस अपील को झटका है, जिसके जरिए वह इस पूरे मामले की दिशा बदलने की कोशिश कर रही थी।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए सत्ता के स्तर पर प्रयास किए गए। उन्होंने कहा कि कुछ नामों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और इस प्रकरण में जांच एजेंसियों पर दबाव बनाने की कोशिश हुई। मरांडी ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता पर दबाव डालकर याचिका वापस लेने की कोशिश की गई और आम जनता को भी डराने-धमकाने के प्रयास हुए, लेकिन न्यायालय ने तथ्यों के आधार पर निर्णय लेते हुए इस प्रकार की कोशिशों को अस्वीकार कर दिया।
मरांडी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला झारखंड की राजनीति में दूरगामी प्रभाव डालेगा। उनके अनुसार, यह निर्णय राज्य सरकार के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती है और इससे यह संदेश गया है कि कानून से ऊपर कोई भी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इस फैसले से लोकतांत्रिक संस्थाओं में आम लोगों का भरोसा और मजबूत होगा और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही लड़ाई को नई ताकत मिलेगी।
अंत में मरांडी ने कहा कि आने वाले समय में इस मामले की निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, जिससे राज्य में पारदर्शिता और जवाबदेही का माहौल बनेगा।

