New Delhi News : बिहार क्रिकेट संघ (BCA) के पदाधिकारियों की कथित अवैध गतिविधियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव को बिहार क्रिकेट संघ का लोकपाल नियुक्त किया है। उनका मुख्य कार्य संघ में पारदर्शिता लाना, भ्रष्टाचार पर रोक लगाना और सभी विवादों का निष्पक्ष निपटारा करना होगा।
यह निर्णय उन शिकायतों के मद्देनज़र आया है, जिनमें आरोप लगाया गया था कि BCA में पदाधिकारी नियमों के विपरीत कार्य कर रहे हैं और संघ की गतिविधियों में पारदर्शिता की कमी है। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष और स्वतंत्र निगरानी आवश्यक है, जिसके लिए अनुभवी और ईमानदार अधिकारी की जरूरत है।
न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उन्होंने पहले हैदराबाद क्रिकेट संघ में पारिवारिक “मल्टी वोटर्स” की सदस्यता खत्म कर वहां निष्पक्ष चुनाव कराने में अहम भूमिका निभाई थी। उस मामले में भी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उन्होंने प्रभावी सुधार लागू किए थे, जिसके बाद संघ की कार्यप्रणाली में बदलाव आया था।
अब उनसे उम्मीद है कि वे बिहार क्रिकेट संघ में भी उसी तरह के सुधार लाएंगे और सभी पदाधिकारियों को जवाबदेह बनाएंगे। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि लोकपाल को सभी आवश्यक शक्तियां दी जाएंगी ताकि वे स्वतंत्र रूप से जांच कर सकें और सिफारिशों को लागू करा सकें।
इस नियुक्ति से बिहार क्रिकेट संघ में सक्रिय गुटबाजी और विवादों पर अंकुश लगने की संभावना है। क्रिकेट प्रेमियों और खिलाड़ियों में भी उम्मीद जगी है कि संघ में अब पारदर्शिता और निष्पक्षता का माहौल बनेगा, जिससे खेल के विकास पर अधिक ध्यान दिया जा सकेगा।
न्यायमूर्ति राव के अनुभव और सख्त कार्यशैली को देखते हुए यह माना जा रहा है कि उनका कार्यकाल BCA के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।



