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Ranchi : झारखंड की राजनीति में महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर बहस तेज हो गई है। ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी के अध्यक्ष सुदेश महतो ने राज्य की हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘मंईयां सम्मान योजना’ को सरकार ने महिला अपमान का माध्यम बना दिया है।
रविवार को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में महिला प्रकोष्ठ की उत्तर छोटानागपुर प्रमंडलीय बैठक को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने कहा कि चुनाव के समय सरकार ने 56.61 लाख महिलाओं को लुभाने के लिए 2500 रुपये की राशि दी थी। लेकिन अब नियमों और दस्तावेजों की आड़ में करीब पांच लाख महिलाओं को इस योजना से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह मातृशक्ति के साथ अन्याय नहीं है? क्यों इन महिलाओं को योजना से वंचित किया जा रहा है?
महतो ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया महिलाओं के साथ धोखा और विश्वासघात है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सरकार की इस “बेईमानी” को गांव-गांव तक उजागर करें। उन्होंने निर्देश दिया कि ग्राम स्तर पर मातृशक्ति को आजसू पार्टी से जोड़ने और उन्हें जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए।
सुदेश महतो ने यह भी याद दिलाया कि राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में आजसू पार्टी की भूमिका ऐतिहासिक रही है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिलाने से लेकर स्वयं सहायता समूहों के गठन तक, आजसू ने हमेशा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार में रहकर काम किया है।
बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और महिला प्रतिनिधि शामिल हुए। विधायक निर्मल महतो, पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो, प्रवीण प्रभाकर, संतोष महतो, विजय साहू, बोकारो जिला पंचायत की उपाध्यक्ष बबीता कुमारी, जिप सदस्य खुशबू कुमारी, यशोदा देवी और संगीता बारला समेत अन्य नेताओं ने भी महिलाओं को एकजुट होकर इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि आजसू पार्टी राज्य के हर जिले में महिला जागरूकता अभियान चलाएगी और सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध करेगी।

