गुमला/चैनपुर : धान खरीदारी प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए बुधवार को चैनपुर प्रखंड में प्रशासनिक अधिकारियों का औचक निरीक्षण चला। अपर समाहर्ता सहसेंद्र बड़ाईक और जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रदीप भगत ने छीछवानी, बरवेनगर और चैनपुर लैंप्स में पहुंचकर धान अधिप्राप्ति की वास्तविक स्थितियों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता ने लैंप्स अध्यक्ष और सचिव को स्पष्ट निर्देश दिया कि धान खरीद में तेजी लाई जाए, ताकि निर्धारित लक्ष्य समय सीमा के भीतर पूरा हो सके। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि धान बेचने वाले किसानों को भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत किसानों का पैसा समय पर देना अनिवार्य है और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई तय है।

निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों ने लैंप्स में जमा धान के स्टॉक की गहन समीक्षा की। स्टॉक अधिक होने पर सहसेंद्र बड़ाईक ने संबंधित मिलिंग एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर धान के समय पर उठाव के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान का उठाव समय पर नहीं होगा, तो नए धान की खरीद बाधित होगी और किसानों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।

इस दौरान जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रदीप भगत ने लैंप्स प्रभारियों को गुणवत्ता परीक्षण में सख्ती बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि किसानों को धान बेचने में अनावश्यक दबाव या बाधा नहीं होनी चाहिए। प्रशासन का लक्ष्य किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाना और भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है।

निरीक्षण के बाद यह स्पष्ट संदेश गया कि चैनपुर–गुमला क्षेत्र में धान अधिप्राप्ति से जुड़ी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसानों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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