India News: इंडिगो एयरलाइंस में चल रहे बड़े परिचालन संकट के बाद हवाई किराए में हुई मनमानी बढ़ोतरी की शिकायतों पर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने घरेलू हवाई किराए में हो रहे इस अप्रत्याशित उछाल को रोकने के लिए एयरलाइन कंपनियों पर अस्थायी किराया सीमा (फेयर कैप) लगा दी है। अब सभी एयरलाइन कंपनियों को निर्धारित किराया सीमा का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा।
लाखों का किराया अब नियंत्रण में
चालक दल की कमी और उड़ानों के बड़े पैमाने पर रद्द होने के कारण शुक्रवार और शनिवार को हवाई किराए आसमान छू रहे थे; कुछ रूटों पर किराया ₹90,000 या ₹1 लाख से भी अधिक हो गया था। यह सरकारी कदम संकटग्रस्त यात्रियों के आर्थिक शोषण को रोकने और बाज़ार में मूल्य निर्धारण अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
इंडिगो को रविवार रात तक रिफंड का सख्त आदेश
सरकार ने इंडिगो को रद्द की गई उड़ानों के टिकट के पैसे यात्रियों को रविवार, 7 दिसंबर 2025 को रात 8 बजे तक वापस करने का सीधा और सख्त निर्देश दिया है। ऐसा न करने पर नियामक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
प्रभावित यात्रियों के लिए यह भी निर्देश दिया गया है कि अगर वे अपनी यात्रा की तारीख या समय बदलते हैं, तो उनसे कोई रीशेड्यूलिंग चार्ज न लिया जाए। इसके अलावा, जिन यात्रियों का बैगेज चेक-इन हो गया था, लेकिन उड़ान रद्द हो गई, उनके बैगेज को यात्री के घर या दिए गए पते पर भिजवाने की व्यवस्था करने को कहा गया है। मंत्रालय वास्तविक समय के आंकड़ों के माध्यम से किराया स्तरों पर कड़ी निगरानी रखेगा।



