रांची: झारखंड को टीबी (क्षय रोग) से मुक्त करने के अभियान में आज एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ी। सोमवार को राजधानी के सदर अस्पताल में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के तहत 300 टीबी मरीजों के बीच पोषण किट का वितरण किया गया। यह पहल स्वयंसेवी संस्था ‘आरके एचआईवी’ के सहयोग से पूरी की गई, जिसका उद्देश्य मरीजों को उपचार के साथ-साथ सही आहार सुनिश्चित कराना है।

कार्यक्रम के दौरान रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार और जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. सिद्धेश्वर बास्की ने अपने हाथों से मरीजों को किट प्रदान की। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि टीबी की दवाइयों का असर तभी बेहतर होता है जब शरीर को उचित पोषण मिले। डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि “दवा बीमारी को मारती है, लेकिन पोषण शरीर को लड़ने की शक्ति देता है।” इसीलिए सरकार और स्वयंसेवी संस्थाएं मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि कोई भी मरीज संसाधनों के अभाव में कुपोषित न रहे।

इस अभियान में जिला कार्यक्रम समन्वयक राकेश कुमार राय, पीपीएम फजले और एनएचएम के अधिकारियों सहित स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम सक्रिय दिखी। उल्लेखनीय है कि आरके एचआईवी संस्था केवल शहर ही नहीं, बल्कि जिले के सुदूर प्रखंडों में भी लगातार मरीजों तक पहुंच रही है। इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि सामूहिक प्रयासों से रांची जल्द ही टीबी मुक्त जिला बनेगा।

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