Health News: भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़े खान-पान के कारण आजकल हर दूसरा व्यक्ति थकान और कमजोरी की शिकायत करता है। आयुर्वेद के नजरिए से देखें तो यह समस्या शरीर में ‘ओज’ यानी जीवनी शक्ति की कमी के कारण होती है। जब हमारा पाचन तंत्र कमजोर होता है, तो भोजन से मिलने वाले पोषक तत्व शरीर को नहीं लगते, जिससे सुस्ती और मानसिक थकान बढ़ जाती है।

भीगे बादाम और अखरोट: ऊर्जा का पावरहाउस

कमजोरी को जड़ से मिटाने के लिए आयुर्वेद सुबह के समय भीगे हुए सूखे मेवों के सेवन की सलाह देता है। रोज सुबह खाली पेट 5-7 भिगोए हुए बादाम और 2 अखरोट खाने से शरीर को तुरंत ‘इंस्टेंट एनर्जी’ मिलती है। यह न केवल मांसपेशियों को ताकत देता है, बल्कि याददाश्त को तेज कर दिमाग को भी तरोताजा रखता है। सुबह का यह छोटा सा बदलाव आपको दिनभर हल्का और एक्टिव महसूस कराएगा।

रात को अश्वगंधा दूध और पाचन पर ध्यान

अगर आप शारीरिक मजबूती और बेहतर नींद चाहते हैं, तो रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने दूध में एक चम्मच अश्वगंधा पाउडर मिलाकर पीना शुरू करें। यह तनाव को कम कर शरीर की स्ट्रेंथ (Strength) बढ़ाता है। इसके साथ ही, भारी और तैलीय भोजन से दूरी बनाना जरूरी है। आयुर्वेद मानता है कि सही समय पर हल्का भोजन और पर्याप्त पानी पीने से पाचन दुरुस्त रहता है, जिससे शरीर में कमजोरी घर नहीं कर पाती। रोजाना ताजी हवा में टहलना इस प्रक्रिया को और तेज कर देता है।

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