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रांची: राजधानी के बाहरी इलाके ओरमांझी में पुलिस ने पशु तस्करी के एक नेटवर्क को ध्वस्त करने में आंशिक सफलता हासिल की है। मंगलवार, 10 मार्च की दरम्यानी रात जब शहर सो रहा था, तब ओरमांझी पुलिस की एक टीम ‘इरबा’ के रास्ते बंगाल की ओर जा रहे तस्करों के मंसूबों को नाकाम करने में जुटी थी। पुलिस ने घेराबंदी कर चार बड़े वाहनों को जब्त किया है, जिनमें 41 मवेशियों को क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंस कर लादा गया था हालांकि पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में एक भी अपराधी नहीं पकड़ा गया है। पुलिस जिस सफलता को लेकर अपनी पीठ थपथपा रही है, कयास लगाए जा रहे हैं कि पुलिस ने रुपयों का लेन-देन कर सभी अपराधियों को शांतिपूर्वक भाग जाने दिया।
गुप्त सूचना और फिल्मी अंदाज में पीछा
पुलिस को देर रात एक विश्वसनीय सूत्र से जानकारी मिली थी कि इरबा के रास्ते भारी संख्या में पशुओं को अवैध रूप से राज्य की सीमा पार कराकर पश्चिम बंगाल ले जाने की तैयारी है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम सक्रिय हुई और संदिग्ध मार्ग पर नाकाबंदी कर दी। जैसे ही पशु लदे वाहन पुलिस की नजर में आए, पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया।
पुलिस की जीप और जवानों को देख तस्करों के हाथ-पांव फूल गए। खुद को घिरता देख तस्करों ने फिल्मी अंदाज में अपने वाहन बीच सड़क पर ही छोड़ दिए और पास के घने अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। ऐसे में सवाल उठता है कि जब पुलिस इतनी सक्रिय थी और नाकाबंदी का पूरा प्रोसेस सफलतापूर्वक कर लिया गया था, फिर ऐसे में रांची की चालाक पुलिस को तस्कर चकमा देकर फरार कैसे हो गए।
क्रूरता की हदें पार, अब गौशाला में सुरक्षित
जब पुलिस ने जब्त किए गए चारों वाहनों की तलाशी ली, तो अंदर का नजारा दिल दहला देने वाला था। ट्रकों और पिकअप वैन में बेजुबान पशुओं को बेहद अमानवीय तरीके से बांधकर रखा गया था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी 41 पशुओं को मुक्त कराया। इन सभी मवेशियों को सुरक्षित रूप से स्थानीय गौशाला पहुंचा दिया गया है, जहाँ उनकी देखभाल की जा रही है।
जांच का घेरा और छापेमारी
ओरमांझी थाना प्रभारी ने मीडिया को बताया कि जब्त किए गए वाहनों के नंबर और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मालिकों की पहचान की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि इस तस्करी के पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है जो लंबे समय से रांची के रास्ते बंगाल में पशुओं की अवैध सप्लाई कर रहा है। फरार तस्करों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस रैकेट के सरगना को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

