India News: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक महिला द्वारा अपनी सास की हत्या करने के इरादे से डॉक्टर से गोलियों की मांग करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस घटना ने न केवल डॉक्टर को हैरान किया, बल्कि पूरे समाज में चेतना लाने का काम किया है। जब डॉक्टर ने महिला की इस घिनौनी मंशा को जानकर पुलिस को सूचित किया, तो महिला ने एक पल में अपनी कहानी बदलने की कोशिश की।

डॉक्टर को आई महिला की गंभीर धमकी, पुलिस ने लिया एक्शन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तरी बेंगलुरु के डॉक्टर सुनील कुमार को एक संदेश मिला, जिसमें एक महिला ने उनसे पूछा कि क्या वह अपनी सास को मारने के लिए गोलियां प्राप्त कर सकती हैं। जब डॉक्टर ने यह संदिग्ध संदेश देखा तो वह तुरंत पुलिस स्टेशन पहुंचे और मामले की गंभीरता बताई। उन्होंने बताया कि महिला की पहचान की जाए और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

डॉक्टर ने कहा कि हमें इस समय में जीवन बचाने के लिए काम करना चाहिए, न कि किसी की जान लेने के लिए। उन्होंने महिला से स्पष्ट रूप से कहा कि उनका कर्तव्य मरीजों की जान बचाना है। डॉक्टर ने जब महिला को समझाया तो वह समझ में आई लग रही थी, लेकिन उसने तुरंत ही अपने संदेश को डिलीट कर दिया। फिर भी डॉक्टर ने साक्ष्य के रूप में उस संदेश का स्क्रीनशॉट लेकर पुलिस को सौंप दिया।

महिला का संदेश कन्नड़ भाषा में था और उसमें पहले तो उसने डॉक्टर से कुछ पूछने की ख्वाहिश जताई, लेकिन फिर उसकी असली मंशा सामने आई। उसने साफ शब्दों में कहा कि उसकी 70 वर्षीय सास उसे परेशान कर रही हैं और वह उसे मारने के लिए गोलियों की मांग कर रही थी। घटना ने वहां के चिकित्सा समुदाय को हिलाकर रख दिया है, क्योंकि यह दिखाता है कि समाज में किस प्रकार की मानसिकता विकसित हो रही है।

पुलिस ने महिला को थाने बुलाया और उससे पूछताछ की। महिला अपने पति के साथ थाने पहुंची और कहा कि वह आत्महत्या करने का विचार कर रही थी। उसने ये भी कहा कि यदि वह डॉक्टर से खुद को मारने के लिए टैबलेट मांगती तो डॉक्टर उसे मना कर देते। इसलिए, उसने अपनी सास का नाम लिया। महिला की एक नाबालिग बेटी भी है और उसका पति ड्राइवर का काम करता है।

पुलिस अब पूरी स्थिति की जांच कर रही है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि इस तरह की घटना दोबारा न हो। यह मामला केवल महिला की मानसिक स्थिति को ही नहीं बल्कि समाज में पारिवारिक रिश्तों में तनाव को भी दर्शाता है, जो कई प्रकार के खतरनाक परिणामों को जन्म दे सकता है।

यह घटना यह भी बताती है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है और साथ ही पारिवारिक सदस्यों के बीच संवाद स्थापित करना कितना महत्वपूर्ण है।

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