गुमला:- सिकल सेल एनीमिया जांच अभियान में गुमला जिले ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की पहल और स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी के तहत जिले में चिन्हित सभी नागरिकों की जांच पूरी कर ली गई है। गुमला झारखंड का पहला ऐसा जिला बन गया है जहां 100 प्रतिशत से अधिक सिकल सेल जांच दर्ज की गई है। जिले के 8,51,054 लक्षित लाभुकों के मुकाबले 8,59,846 नागरिकों की जांच कर 101 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई।

जांच के दौरान 2,198 नागरिक सिकल सेल कैरियर और 255 नागरिक सिकल सेल रोगी के रूप में सामने आए हैं। इन सभी चिन्हित लोगों की नियमित काउंसिलिंग, चिकित्सकीय देखभाल और फॉलो-अप की प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी है।

अभियान की सफलता प्रखंड स्तर पर एकजुट प्रयासों का परिणाम रही। बासिया, भरनो, बिशुनपुर, चैनपुर, डुमरी, घाघरा, गुमला सदर, कामडारा, पालकोट, रायडीह, सिसई और शहरी क्षेत्र सहित सभी इलाकों में स्वास्थ्यकर्मियों ने घर-घर पहुंचकर सैंपल कलेक्शन और जागरूकता की जिम्मेदारी निभाई। चैनपुर प्रखंड में 49,667 लक्ष्य के खिलाफ 50,053 जांच पूरी हुई, जिसमें 220 कैरियर और 13 रोगी मिले।

“कुंडली मिलाओ या न मिलाओ, सिकल सेल एनीमिया जांच अवश्य कराओ” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। कई जगह प्रारंभिक डर और संकोच देखने को मिला, लेकिन ANM, GNM, डॉक्टरों, MPW, आशा, साहिया और आंगनबाड़ी सेविकाओं ने वैज्ञानिक तरीके से समझाकर भरोसा जगाया।

अभियान की मॉनिटरिंग प्रतिदिन उपायुक्त के स्तर से की गई। माइक्रो-प्लानिंग, समीक्षा बैठकों और सतत निगरानी से अभियान को गति मिली। अब अगला चरण कैरियर और रोगियों की नियमित काउंसिलिंग, उपचार और परिवार नियोजन संबंधी मार्गदर्शन का है, ताकि बीमारी के प्रसार को नियंत्रित किया जा सके।

उपायुक्त ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्यकर्मियों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण समाज की सहभागिता को इस सफलता का आधार बताया।

Share.
Exit mobile version