Ramgarh News : पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद, दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद रविवार को नेमरा गांव में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। यह सिर्फ एक श्रद्धांजलि सभा नहीं थी, बल्कि गुरुजी के संघर्षपूर्ण और त्यागमय जीवन को याद करने का एक अवसर भी था।
दूर-दराज से आए लोग सुबह से ही नेमरा पहुंचने लगे थे। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में आम जनता से लेकर मंत्री, सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री और गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। हर कोई अपनी-अपनी तरह से गुरुजी को याद कर रहा था और उनके योगदान को सलाम कर रहा था।
सभा के दौरान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन भी उपस्थित रहे। लोग उनसे मिलकर इस दुख की घड़ी में अपनी संवेदनाएं प्रकट कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने भी भावुक होकर कहा कि गुरुजी सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे, जिन्होंने अपने जीवन को पूरी तरह जनसेवा के लिए समर्पित कर दिया था।
लोगों ने कहा कि गुरुजी का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उनके द्वारा किए गए जनसेवा के कार्य और समाज सुधार की दिशा में उठाए गए कदम हमेशा याद किए जाएंगे। वे न केवल झारखंड के, बल्कि पूरे देश के लिए एक अमूल्य धरोहर थे।
श्रद्धांजलि देने आए एक वृद्ध व्यक्ति की आंखों में आंसू थे। उन्होंने बताया, “गुरुजी ने मेरे गांव में पहली बार बिजली पहुंचाने का काम किया था। हमारे लिए वे सिर्फ नेता नहीं, परिवार के सदस्य जैसे थे।” ऐसे ही अनगिनत किस्से वहां सुनाई दे रहे थे, जो गुरुजी के व्यक्तित्व की विशालता को दर्शा रहे थे।
सभा के अंत में सभी लोगों ने मौन रखकर गुरुजी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और संकल्प लिया कि उनके बताए रास्ते पर चलते हुए समाज की सेवा जारी रखेंगे।



