Lifestyle Desk: जैसे-जैसे उम्र का पहिया घूमता है, शरीर में जोड़ों की अकड़न, कमर दर्द और बेवजह की थकान अपनी जगह बनाने लगती है। 40 की उम्र पार करते ही मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है और हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि योग विज्ञान में एक ऐसा आसन है जो आपके शरीर के लिए ‘पुल’ (Bridge) का काम करता है, जो आपको बीमारियों से बचाकर सेहत के दूसरे किनारे तक ले जाता है? इसे कहते हैं सेतुबंधासन यानी ‘ब्रिज पोज’।

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आयुष मंत्रालय ने हाल ही में इस आसन के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे रीढ़ की हड्डी, कूल्हों और कंधों की मजबूती के लिए सर्वश्रेष्ठ माना है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए वरदान है जो दिनभर की भागदौड़ के बाद पीठ दर्द या मानसिक तनाव से घिरे रहते हैं।

थायरॉइड और पाचन का ‘परफेक्ट’ समाधान सेतुबंधासन के अभ्यास के दौरान जब गर्दन पर हल्का दबाव पड़ता है, तो यह थायरॉइड ग्रंथि को सक्रिय करता है, जिससे हार्मोनल संतुलन बना रहता है। इतना ही नहीं, यह पेट के अंगों की मालिश कर पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है। महिलाओं के लिए यह और भी खास है, क्योंकि यह मेनोपॉज और मासिक धर्म की तकलीफों को कम करने में जादुई असर दिखाता है।

कैसे करें सही शुरुआत? इसे करना बेहद सरल है। योग मैट पर पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें और पैरों को जमीन पर टिकाएं। अब गहरी सांस लेते हुए अपनी कमर और पीठ को ऊपर की ओर उठाएं, जैसे कोई पुल बना रहे हों। ध्यान रहे, आपका सिर और कंधे जमीन पर ही रहें। इस अवस्था में 20-30 सेकंड रुकें और फिर धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं।

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शुरुआत में शरीर थोड़ा सख्त महसूस हो सकता है, लेकिन रोजाना 3 से 5 बार का अभ्यास आपकी मांसपेशियों को खोल देगा और आप खुद को पहले से कहीं ज्यादा ऊर्जावान महसूस करेंगे। स्वस्थ आहार के साथ इस आसन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और उम्र के असर को बेअसर करें।

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