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Jharkhand News: झारखंड और ओडिशा की सीमा पर फैले घने सारंडा जंगल में एक छह वर्षीय जंगली हाथी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना ने वन विभाग को सतर्क कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हाथी के पिछले बाएं पैर में गहरी चोट है और उसमें भारी सूजन भी देखी गई है। बताया जा रहा है कि यह घटना 24 से 26 जून के बीच हुई थी।
ड्रोन कैमरे की मदद से हाथी को आखिरी बार 27 जून को सारंडा के दीघा जंगल में देखा गया था, जिसके बाद से वह नजर नहीं आया है। वन विभाग की कई टीमें लगातार जंगल के विभिन्न हिस्सों में उसकी तलाश में जुटी हुई हैं, ताकि उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर उपचार दिया जा सके।
स्थानीय लोगों ने संदेह जताया है कि हाथी संभवतः नक्सलियों द्वारा लगाए गए किसी आईईडी विस्फोटक की चपेट में आ गया होगा, जिससे वह बुरी तरह घायल हुआ है। हालांकि, वन विभाग ने इस आशंका की अब तक औपचारिक पुष्टि नहीं की है।
ग्रामीणों के अनुसार यह “गुडरू” हाथी है, जिसे पानी में खड़े होकर अपने जख्म पर सूंड से पानी मारते देखा गया था। जैसे ही हाथी के घायल होने की सूचना मिली, समता, सासंगदा, गुआ, कोयना और आनंदपुर वन रेंज की टीमों के साथ ओडिशा की बिश्रा वन रेंज और वेटनरी यूनिट भी सक्रिय हो गई हैं।
वन क्षेत्र पदाधिकारी शंकर भगत ने बताया कि विभाग को हाथी के घायल होने की सूचना मिली है और उसकी खोज के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, आईईडी ब्लास्ट की वजह से चोट लगने की पुष्टि नहीं हो सकी है।
वन विभाग का कहना है कि हाथी के संपर्क में आने के बाद ही उसकी सही स्थिति का आंकलन कर इलाज शुरू किया जा सकेगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।

