पटना | रिपोर्टर
बिहार की राजनीति में आज एक नया और ऐतिहासिक अध्याय लिखा गया है। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने लोकभवन के भव्य समारोह में उन्हें कमान सौंपी। राज्य के इतिहास में यह पहली बार है जब बिहार की सत्ता पूर्ण रूप से भाजपा के किसी मुख्यमंत्री के हाथों में आई है।
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यह बड़ा बदलाव नीतीश कुमार के इस्तीफे और उनके दिल्ली की राजनीति (राज्यसभा) में जाने के फैसले के बाद हुआ है। करीब दो दशकों तक बिहार के सियासी मंच के केंद्र में रहे नीतीश कुमार ने सोमवार को मुख्यमंत्री पद त्याग दिया था। इसके बाद भाजपा विधायक दल ने सम्राट चौधरी को अपना नेता चुना। नई सरकार के समीकरणों को संतुलित रखने के लिए जनता दल (यूनाइटेड) के दो दिग्गज नेताओं, विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।
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राजनीतिक पंडितों का मानना है कि भाजपा का यह कदम बिहार में अपनी जड़ों को स्वतंत्र रूप से मजबूत करने की दिशा में सबसे बड़ा दांव है। शपथ ग्रहण के दौरान समर्थकों का भारी हुजूम उमड़ा और पूरे प्रदेश में भाजपा कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर इस जीत का जश्न मनाया। सम्राट चौधरी के सामने अब राज्य के विकास और आगामी चुनावों में पार्टी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की बड़ी चुनौती होगी।



