Madhubani (Bihar): बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को मधुबनी में आयोजित जनसभा के दौरान कोसी क्षेत्र के बदलते स्वरूप और राज्य की नई औद्योगिक दिशा पर जोरदार भाषण दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ ‘समृद्धि यात्रा’ पर निकले सम्राट चौधरी ने कहा कि जिस कोसी नदी को कभी बिहार के लिए ‘शोक’ या ‘अभिशाप’ माना जाता था, उसे एनडीए सरकार के कुशल प्रबंधन ने आज राज्य का गौरव और किसानों के लिए वरदान बना दिया है।

कोसी प्रबंधन: 2007 की भयावहता से 2024 की सुरक्षा तक का सफर

उपमुख्यमंत्री ने आंकड़ों के जरिए सरकार की सफलता गिनाई। उन्होंने याद दिलाया कि 2007-08 में जब नेपाल से 1.92 लाख क्यूसेक पानी आया था, तो सहरसा और मधेपुरा जैसे जिलों में प्रलय आ गई थी। लेकिन 2024 में 6.48 लाख क्यूसेक पानी आने के बावजूद केवल 150 गांव प्रभावित हुए।

  • सिंचाई की क्रांति: आज कोसी से लगभग 4 लाख एकड़ भूमि सिंचित हो रही है।

  • कोसी-मेची लिंक: इस महत्वाकांक्षी परियोजना और बांधों के सुदृढ़ीकरण ने बाढ़ के खतरे को न्यूनतम कर दिया है।

  • सम्मान: उन्होंने गर्व से बताया कि दिल्ली में सांसदों के नए आवास परिसर के एक भवन का नाम भी अब ‘कोसी’ रखा गया है।

बिजली का ‘शून्य’ बिल और मुफ्त यूनिट का गणित

सम्राट चौधरी ने कहा कि 2005 से पहले बिहार में बिजली केवल 5 घंटे रहती थी, जबकि आज 24 घंटे आपूर्ति हो रही है।

  • राहत: सरकार 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दे रही है।

  • बड़ी उपलब्धि: राज्य के 1.90 करोड़ परिवारों में से 1.70 करोड़ परिवारों का बिजली बिल अब शून्य आ रहा है।

औद्योगिक कॉरिडोर और डिफेंस सेक्टर: रोजगार का नया विजन

डिप्टी सीएम ने बिहार के युवाओं को राज्य में ही रोकने के लिए बड़े औद्योगिक निवेश का खाका पेश किया:

  1. नई नीतियां: राज्य में जल्द ही सेमीकंडक्टर नीति, डिफेंस कॉरिडोर और आईटी हब की स्थापना होगी।

  2. अंतरराष्ट्रीय बस स्टैंड: मधुबनी में बन रहा अंतर्राज्यीय बस स्टैंड नेपाल से सीधा जुड़ाव सुनिश्चित करेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार बढ़ेगा।

  3. अपराध पर प्रहार: उन्होंने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ‘समाज के कचरे’ की सफाई का काम पूरी सख्ती से जारी रहेगा।

महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण

जीविका दीदियों की तारीफ करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि 1.56 करोड़ महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपये भेजे गए हैं। जो महिलाएं अपना स्वरोजगार शुरू करना चाहती हैं, सरकार उन्हें 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता देगी।

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