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रांची: आज पूरा देश भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार और महान समाज सुधारक भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मना रहा है। इस पावन अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बाबा साहेब को याद करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धा-सुमन अर्पित की।
राजभवन में श्रद्धा का माहौल
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मंगलवार को रांची स्थित लोकभवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। राज्यपाल ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन केवल संघर्ष की कहानी नहीं है, बल्कि वह एक ऐसा दर्शन है जिसने भारतीय समाज को समानता और सुधार की नई दिशा दिखाई।
मुख्यमंत्री का संदेश : ‘संविधान ही हमारी ताकत’
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से देशवासियों को बधाई देते हुए बाबा साहेब के योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि बाबा साहेब ने देश को एक ऐसा मजबूत लोकतांत्रिक आधार दिया है, जिसकी आत्मा में न्याय और समानता बसती है।
उन्होंने जोर देकर कहा, “संविधान की यही ताकत आज शोषित, वंचित, आदिवासी और पिछड़े समाज के लिए सम्मान और आगे बढ़ने का सबसे बड़ा सहारा है।” मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि विपरीत परिस्थितियों में भी बाबा साहेब का शिक्षा के प्रति समर्पण हम सबके लिए प्रेरणा का एक अखंड दीप है। उन्होंने अपील की कि हम सभी उनके विचारों को आत्मसात कर एक ऐसे न्यायपूर्ण समाज के निर्माण का संकल्प लें, जहाँ हर व्यक्ति को समान अवसर मिले।
विपक्ष का नमन : ‘न्यायपूर्ण व्यवस्था की नींव’
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी डॉ. अंबेडकर को कोटि-कोटि नमन किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि बाबा साहेब ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को अधिकार दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने एक ऐसी न्यायपूर्ण व्यवस्था की नींव रखी, जो भारत की विविधता को एकजुट करती है। मरांडी ने कहा कि आज के दिन हमें समानता और बंधुत्व की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने की शपथ लेनी चाहिए।

