चैनपुर प्रखंड का पोस्ट ऑफिस इन दिनों घोर अनियमितताओं और धोखाधड़ी का केंद्र बन गया है, जिससे खासकर आदिम जनजाति और आदिवासी समुदाय के भोले-भाले ग्रामीण अपनी गाढ़ी कमाई गंवाकर परेशान हैं। आरोप है कि पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी और बिचौलिए मिलकर लोगों को खुलेआम लूट रहे हैं।
निकासी में धोखाधड़ी और अवैध वसूली का खेल
ग्रामीणों ने बताया कि पैसे निकालने के लिए पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी लोगों को निजी दुकानों पर भेज रहे हैं।कोनकेल निवासी परमिला बेक एक पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसे पैसे निकलवाने के बाद पीपल चौक स्थित “चंचल मोबाइल” नामक दुकान से पैसे लेने को कहा गया। जब वह दुकान नहीं ढूंढ पाई और अन्य दुकानों पर अपना खाता चेक कराया, तो यह जानकर स्तब्ध रह गई कि उसके आधार कार्ड से पैसे निकासी बंद कर दी गई थी और खाते से पैसे उसकी बिना अनुमति के पहले ही निकाले जा चुके थे। यह घटना पोस्ट ऑफिस कर्मचारियों की संलिप्तता की ओर स्पष्ट इशारा करती है।
मनरेगा श्रमिकों के साथ ठगी का नया तरीका
चैनपुर डाकघर में मनरेगा बिचौलिए भी सक्रिय हैं। ये बिचौलिए ओटीपी के माध्यम से मनरेगा श्रमिकों के खाते खोलकर पैसे निकाल लेते हैं। जब मजदूर अपनी मेहनत की कमाई निकालने पोस्ट ऑफिस पहुंचते हैं, तो उन्हें बताया जाता है कि उनके आधार कार्ड से पैसे निकासी बंद हो चुकी है या उनके खाते से पैसे पहले ही निकाले जा चुके हैं। इस पूरे घोटाले में पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी और अकाउंट खोलने वाले बिचौलियों की मिलीभगत साफ नजर आ रही है। यह स्थिति उन गरीब मजदूरों के लिए और भी दयनीय है जो अपनी रोज़ की मज़दूरी पर निर्भर करते हैं।
केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली और पोस्टमास्टर पर सवाल
सूत्रों के अनुसार, चैनपुर डाकघर में केवाईसी अपडेट करने के नाम पर भी ग्रामीणों से अवैध वसूली की जा रही है। ग्रामीणों को 2500 रुपये तक देने पड़ रहे हैं, जबकि यह प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त होनी चाहिए। इसमें पोस्टमास्टर की संलिप्तता का भी आरोप है, क्योंकि उनकी आंखों के सामने यह सब हो रहा है। हालांकि, जब इस संबंध में चैनपुर पोस्टमास्टर बिनीत टोपनो से संपर्क किया गया, तो उन्होंने शुरुआत में ऐसे किसी मामले के सामने आने से इनकार कर दिया। दोबारा गहनता से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई मामला होता है, तो उन्हें सूचित किया जाना चाहिए। पोस्टमास्टर का यह रुख उनकी अनदेखी या इस पूरे अवैध वसूली में उनकी संभावित संलिप्तता की ओर इशारा करता है।
ग्रामीणों की बदहाली और न्याय की मांग
चैनपुर प्रखंड में अधिकांश आदिम जनजाति और आदिवासी वर्ग के लोग निवास करते हैं, जो अशिक्षित या कम पढ़े-लिखे होते हैं। उनकी इसी भोलेपन का फायदा उठाकर पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी और बिचौलिए उन्हें ठग रहे हैं। अपनी मेहनत की कमाई गंवाने के बाद ये ग्रामीण काफी परेशान और हताश हैं।यह मामला एक गंभीर जांच का विषय है। ग्रामीणों को न्याय मिले और इन धोखाधड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो, यह समय की मांग है। देखना होगा कि विभाग इस पर कब तक और क्या कार्रवाई करता है।



