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Patna: बिहार की राजधानी पटना में नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। राजद अध्यक्ष लालू यादव की पुत्री और सारण की पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रोहिणी आचार्या ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर किए गए अपने पोस्ट में उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को “शर्मनाक” करार दिया।
“कानून के राज का दावा केवल कागजों पर”: रोहिणी आचार्या ने मुख्यमंत्री को सीधे संबोधित करते हुए लिखा कि यह बड़े ही शर्म का विषय है कि ‘सुशासन’ और ‘कानून के राज’ के तमाम दावों के बावजूद बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक उदासीनता की वजह से प्रदेश में बहन-बेटियों के खिलाफ अत्याचार, दुराचार और यौन अपराध की घटनाएं रोज की बात हो गई हैं।
SIT जांच पर उठाए सवाल, पूछा- ‘किसे बचा रहे हैं?’: पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में हुई घटना का जिक्र करते हुए रोहिणी ने इसे बलात्कार और हत्या का मामला बताया। उन्होंने गृह मंत्री सम्राट चौधरी और मुख्यमंत्री से सवाल किया कि आखिर SIT जांच की आड़ में ‘ऑपरेशन लीपापोती’ किसके लिए की जा रही है? रोहिणी ने सवाल उठाया कि क्या बिहार के अपराधियों में यह धारणा बन चुकी है कि वे अपराध करके आसानी से बच निकलेंगे?
अपराधियों के मन से खत्म हुआ खौफ: रोहिणी ने अपने पोस्ट में तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के तमाम निर्देशों के बावजूद बेटियों के प्रति हिंसक घटनाएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि गहरी नींद से जागने का समय आ गया है, क्योंकि राज्य की जनता अब इन घटनाओं पर जवाब मांग रही है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में पटना में छात्राओं के साथ हुई घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसका विपक्ष अब पुरजोर विरोध कर रहा है।



