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रांची: झारखंड की सियासत में अपनी जमीन मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने कमर कस ली है। 15 मार्च 2026 को रांची स्थित पार्टी प्रदेश कार्यालय में आयोजित राज्य कार्यकारिणी की बैठक में राजद ने अपनी भविष्य की रणनीति का खाका खींच दिया है। बैठक की कमान प्रदेश अध्यक्ष सह राज्य सरकार के मंत्री संजय सिंह यादव ने संभाली, जिसमें राज्यभर के दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा।
5 अप्रैल को रांची में ‘तेजस्वी’ गर्जना
बैठक का सबसे बड़ा और अहम फैसला बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद के युवा चेहरा तेजस्वी यादव के रांची आगमन को लेकर रहा। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 5 अप्रैल को तेजस्वी यादव रांची पहुंचेंगे। पार्टी इस मौके को एक ऐतिहासिक अभिनंदन समारोह में बदलने की तैयारी कर रही है। संजय सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक स्वागत कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड में राजद की बढ़ती ताकत का अहसास कराने वाला एक शक्ति प्रदर्शन होगा। पूरे शहर को स्वागत द्वारों और पार्टी के झंडों से पाटने की योजना बनाई गई है।
बूथ स्तर पर किलाबंदी की तैयारी
बैठक में केवल स्वागत सत्कार ही नहीं, बल्कि चुनावी गणित और सांगठनिक मजबूती पर भी गंभीर मंथन हुआ। सभी जिलाध्यक्षों को कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ‘बूथ स्तर’ तक कमेटी का विस्तार करें। नेताओं ने जोर देकर कहा कि पार्टी की असली ताकत उसके जमीन से जुड़े कार्यकर्ता हैं। कार्यकर्ताओं से अपील की गई है कि वे जनसरोकार के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएं और संगठन को अजेय बनाएं।
दिग्गजों का लगा जमघट
इस उच्चस्तरीय बैठक में राजद के कई कद्दावर चेहरे शामिल हुए। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गौतम सागर राणा, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता, विधायक दल के नेता सुरेश पासवान और विधायक नरेश सिंह जैसे नेताओं ने आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की। साथ ही, बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष जनार्दन कुमार और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों ने भी संगठन विस्तार के सुझाव साझा किए।
राजद नेताओं का मानना है कि 5 अप्रैल का यह भव्य आयोजन झारखंड की राजनीति में एक नया मोड़ साबित होगा। कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने के लिए जिला स्तर पर बैठकों का दौर शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है।

