Ranchi News: रिम्स में मरीज बीमारी ठीक करने पहुंचते हैं। पर, रिम्स में जलजमाव और सीवेज की समस्या का निदान नहीं होने से मरीजों में दूसरी बीमारियों के फैलने का खतरा है। रिम्स के विभिन्न हिस्सों में जलजमाव ने मरीजों, उनके परिजनों, डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए भारी परेशानी खड़ी कर दी है। रिम्स के निदेशक डॉ राजकुमार के लगातार निरीक्षण और निर्देशों के बावजूद PHED विभाग की ओर से कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिससे स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। मेडिसिन वार्ड, ऑर्थोपेडिक और कैदी वार्ड के आसपास जलजमाव और सीवेज का रिसाव है।रिम्स निदेशक के अनुसार, यह स्थिति न केवल असुविधाजनक है, बल्कि इससे विभिन्न बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।

बता दें कि इन विभागों के आसपास पानी काफी समय तक जमा रहता है। उसकी निकासी समय पर नहीं होने से पानी जमा रहता है और महकता भी है। कई विभागों में बदबू भी आती है, जिससे मरीज के अलावा मरीजों के परिजन और चिकित्सक भी परेशान रहते हैं। कार्यप्रणाली पर रिम्स प्रबंधन ने उठाया सवाल रिम्स प्रबंधन ने अपने सोशल मीडिया पर लिखकर PHED की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। प्रबंधन के अनुसार, PHED विभाग ने मीडिया को सूचित किया था कि निदेशक बंगले में 8 लाख रुपये का प्यूरिफायर लगाया गया है, लेकिन इसके बावजूद बंगले में साफ पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

यह विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है। निदेशक के शोकॉज का नहीं मिला जवाब निदेशक लगातार मौखिक और लिखित निर्देश दिए जाने के बावजूद पीएचडी विभाग की ओर से न तो कोई स्पष्टीकरण आया है और न ही इस दिशा में कोई कार्य किया गया है। प्रबंधन ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से आदेशों की अवहेलना और अकर्मण्यता का उदाहरण है, जिससे रिम्स जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान में मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और समाधान निकालने की आवश्यकता है।

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